कोतवाली क्षेत्र के सिजनौड़ा गांव के निकट बांदा मार्ग पर बुधवार रात दो बोलेरो में मामूली टक्कर हो गई। हादसे से नाराज दबंग युवकों ने बोलेरो चालक को जबरन गाड़ी में बैठा लिया और उसे कानपुर के नौबस्ता ले आए।
जहां उसकी बोलेरो व मोबाइल छीनकर उसे भगा दिया। चालक की सूचना पर कोतवाली पुलिस रात भर लुटेरों व गाड़ी का पता लगाने में जुटी रही लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस एक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बिवांर थानाक्षेत्र के रोहारी गांव निवासी वंशी कुशवाहा की बोलेरो बीती रात बुकिंग पर जा रही थी। पीड़ित ने बताया कि कार कपसा मार्ग के चंद्रावल नदी के पुल पार कर सिजनौड़ी के करहिया मार्ग तिराहे पर पहुंची। तभी दूसरी बोलेरो से हल्की टक्कर हो गई।
दूसरी बोलेरो पर सवार युवकों ने उसकी गाड़ी रोक ली और मरम्मत कराने की बात कहते हुए उसे अपनी गाड़ी में जबरन बैठा लिया। कानपुर के नौबस्ता में उससे बोलेरो व मोबाइल छीन लिया और कहा कि वह गाड़ी ठीक कराने के लिए रुपये लेकर महिंद्रा एजेंसी आए।
उसने मामले की सूचना कोतवाली पुलिस में दी। सीओ उमरदराज खां पीड़ित पक्ष के साथ महिंद्रा एजेंसी कानपुर गए, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। बल्कि आरोपी झूठी लोकेशन देते रहे और पुलिस व पीड़ित उनके पीछे भागती रही। यह खेल देर रात तक चलता रहा।
सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन मैनपुरी में मिली। जानकारी करने पर पता चला कि आरोपी गांव के ही एक शख्स के यहां आए थे। जिसका रिश्तेदार गुजरात में काम करता है। पीड़ित के मुताबिक गाड़ी छीनने वालों में तीन गुजराती युवक भी थे और उनके वाहन का नंबर भी गुजरात का ही था। प्रभारी कोतवाल काशीनाथ उपाध्याय ने बताया कि पता चल गया है कि गाड़ी कौन ले गया और वह कहा है। अगर गाड़ी समय रहते नहीं आती, तो रिश्तेदारों सहित सब पर मुकदमा कायम किया जाएगा।