कस्बे से भाड़े में ट्रैक्टर ले जाने वाले अज्ञात तीन लोगों ने चालक को बेहोशी हालत में खेतों में फेंक दिया और ट्रैक्टर व ट्राली चुरा ले गए। होश आने पर ट्रैक्टर चालक ने परिजनों को फोन किया। मौके पर पहुंचे परिजनों ने जब ट्रैक्टर ले जाने की शिकायत करने थाना घाटमपुर गए तो उन्होंने सुमेरपुर का मामला
बताकर टरका दिया। जब सुमेरपुर थाने पहुंचे तो यहां की पुलिस ने घाटमपुर थाने का मामला कहकर टकरा दिया। पीड़ित दोनों थानों के चक्कर काट रहा है।
कस्बे के पैलानी रोड़ निवासी विजय शंकर शिवहरे का पुत्र आशीष (26) ट्रैक्टर लेकर भाड़े के इंतजार में बस स्टैंड में खड़ा था। तभी शनिवार को करीब तीन
बजे तीन अज्ञात लोग उसके पास पहुंचे और घाटमपुर से कुर्सी मेज लाने के लिए दो हजार रुपये में तय किया। भाड़े के लालच में वह ट्रैक्टर लेकर अज्ञात लोगों के साथ घाटमपुर चला गया। जहां युवक को नशीला जूस पिलाकर बेहोशी की हालत में खेतों में फेंक दिया। होश आने पर चालक नेग्रामीणों की मदद से
परिजनों को फोन मिलाया। इस पर उसके चाचा सपा नेता नंदकिशोर शिवहरे वहां पहुंचे और भतीजे को साथ लेने के बाद घाटमपुर थाना पहुंचे। सपा नेता ने बताया कि पुलिस ने सुमेरपुर कस्बेे का मामला कहकर रिपोर्ट दर्ज करने से मना कर दिया और बताया कि जब वह सुमेरपुर थाने आए तो पुलिस ने
घाटमपुर थानाक्षेत्र में घटना होने की बात कहकर मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया है। थानाध्यक्ष आरके सिंह का कहना है कि यह घटना उनके थानाक्षेत्र में नहीं हुई है। इसलिए उनके यहां मुकदमा नहीं बनता है।