माता-पिता के साथ खेत में गए दो मासूम चचेरे भाई-बहन चंद्रावल नदी के पास
बने चेकडैम में डूब गए। दोनों के चीखने चिल्लाने पर बचाने कूदा युवक दोनों
को बाहर निकालकर लाता, उससे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मौके पर
पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। दो बच्चों की मौत से गांव में गम का
माहौल छा गया।
जानकारी के अनुसार, मौदहा कोतवाली क्षेत्र के मवईयां गांव में रामसिंह व
उसका भाई जगतपाल अपने परिवारों के साथ रहते हैं। दोनों भाइयों के खेत
चंद्रावल नदी के पार हैं। लगातार अतिवृष्टि व ओलावृष्टि के चलते इन की
फसलों को भी नुकसान हुआ, लेकिन शायद कुछ फसल बच जाए, इस कारण वे लोग परिवार
के सदस्यों के साथ नदी पारकर खेत में कटाई करने गए थे।
खेत कटाई के दौरान
रामसिंह का ढाई वर्षीय पुत्र रिंकू व जगतपाल की तीन वर्षीय पुत्री गोमती भी
वहीं थे। अंधेरा होने पर गांव के एक किशोर के साथ परिजनों ने दोनों बच्चों
को घर भेज दिया। घर जाने के दौरान वह किशोर रास्ते में कुछ बच्चों के साथ
खेलने लगा और दोनों बच्चे चेकडैम की ओर चले गए।
बताते हैं कि चेकडैम के एक
हिस्से से पानी के बुलबुले निकल रहे थे तो रिंकू वहां जाकर देखने लगा।
ज्यादा पास जाने पर उसका पैर फिसल गया और वह चेकडैम में गिरकर डूबने लगा।
रिंकू को बचाने की कोशिश में गोमती भी चेकडैम में जा गिरी। जब वह डूबने लगी
तो बचाव के लिए चिल्लाई।
तभी उधर से निकल रहे एक युवक ने बच्चों को डूबते
देखकर चेकडैम में छलांग लगा दी और दोनों को किसी तरह निकालकर बाहर लाया।
लेकिन तब तक रिंकू व गोमती की मौत हो चुकी थी। बच्चों के डूबने की खबर पाकर
परिजन दौड़े और उनके शव देख बिलख पड़े। कोतवाली पुलिस ने बताया कि सूचना
पर पुलिस गांव के लिए रवाना हुई है।