मौदहा कसबे की मंडी समिति में पल्लेदारों ने मजदूरी बढ़ाने की मांग कर हड़ताल शुरू कर दी है। जिसके चलते मंडी में गल्ला व्यापारियों की दुकानें बंद रहीं और किसान परेशान रहे। उपजिलाधिकारी ने पल्लेदारों को समझा बुझाकर शांत किया और बुधवार को बैठक कर समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया।
पल्लेदार यूनियन ने 5 अप्रैल को मंडी के थोक व्यापारियों से अपनी मजदूरी बढ़ाने की मांग की थी। चेतावनी दी थी कि यदि मजदूरी नहीं बढ़ाई गई तो 7 अप्रैल से हड़ताल पर चले जाएंगे।
मंडी स्थित नीलामी चबूतरे में मंगलवार को पल्लेदार संगठन के श्रीनाथ की अगुवाई में गया प्रसाद, इस्लाम, रामबाबू, राकेश कुमार, रामकुमार, कामता प्रसाद आदि पल्लेदारों ने बैठक की और फिर नारेबाजी करते हुए तहसील के गेट पर पहुंच गए।
उपजिलाधिकारी ने बाहर आकर पल्लेदारों की समस्याएं सुनीं। पल्लेदारों ने कहा कि उन्हें बीते वर्ष जो मजदूरी मिलती थी। उसमें तय हुआ था कि आगामी वर्ष उनकी मजदूरी बढ़ा दी जाएगी, जो नहीं बढ़ाई गई। उन्होंने मांग की कि प्रत्येक काम पर दो रुपये मजदूरी बढ़ाई जाए।
इस पर उपजिलाधिकारी प्रवीणा अग्रवाल व क्षेत्राधिकारी यशवीर सिंह ने आश्वासन दिया कि वह गल्ला व्यापारी संघ व पल्लेदारों के पांच-पांच प्रतिनिधियों की एक साथ बैठक कर दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद समस्या का समाधान कराएंगे। तब पल्लेदारों का गुस्सा शांत हुआ। उधर पल्लेदाराें की हड़ताल के चलते आज मंडी में कृषि जिंसो की खरीददारी नहीं हो सकी। दुकानें बंद रहने से मंडी आए किसानोें को मायूसी हाथ लगी।