बालिका को जिला अस्पताल के चिकित्सक ने मृत घोषित किया तो नाराज परिजनों ने इमरजेंसी कक्ष में उसकी जमकर धुना। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश कोतवाल को दिए हैं।
मुख्यालय के रमेड़ी तरौस निवासी दिलीप सिंह की 11 वर्षीय पुत्री पंचम ने अज्ञात कारणों के चलते शुक्रवार की दोपहर फांसी लगा ली। परिजनों के देख लेने पर उसे इलाज के लिए 2:40 बजे जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में लाया गया।
ड्यूटी में तैनात डा.मनीष पुरवार ने बच्ची को देखकर मृत घोषित कर दिया। परिजन बच्ची को लेकर घर चले गए। कुछ देर बाद घर में परिजनों को बच्ची के हाथ, पैर हिलने का शक हुआ तो परिजन उसे लेकर फिर जिला अस्पताल भागे, जहां चिकित्सक ने उसे देखा और फिर मृत घोषित कर दिया।
इस पर परिजनों की डाक्टर से मुहांचाही होने लगी, तभी मौजूद भीड़ ने डाक्टर को पीटना शुरू कर दिया। डाक्टर ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। सूचना पाकर कोतवाल पीके यादव पहुंचे और उन्होंने आलाधिकारियों को सूचना दी।
हंगामे की सूचना पाकर जिलाधिकारी संध्या तिवारी, पुलिस अधीक्षक डीपी सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रकाश वर्मा, क्षेत्राधिकारी बीएन राय मौके पर पहुंचे, जहां जिलाधिकारी ने जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। अस्पताल कक्ष में चिकित्सक के साथ हुई मारपीट को लेकर अन्य चिकित्सकों व स्टाफ के लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।