जिले में लो-वोल्टेज की समस्या का नए वर्ष में निदान होगा। जिले में सात
उपकेंद्रों का निर्माण होगा। वहीं तीन उपकेंद्र अगले माह चालू हो जाएंगे।
मुख्यालय, राठ व मौदहा में पुराने जर्जर तारों को बदले जाने के साथ पुराने
विद्युत ट्रांसफार्मरों को बदलने का काम जारी है। इसके स्थान पर 2015 तक
एबीसी कंडक्टर केबिल और नए ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली व्यवस्था चुस्त
दुरुस्त कर दी जाएगी। वहीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना से 512
गांव रोशन होंगे। इस प्रोजेक्ट पर सर्वे कार्य का एसपीवीएल कंपनी कानपुर ने
किया है।
पावर कारपोरेशन के अधिशाषी अभियंता एससी श्रीवास्तव का कहना है कि राजीव
गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना फेज-2 से 527 गांवों में बिजली दी जाएगी।
पावर स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने का काम होगा। वहीं तीन स्टेशन अगले माह तक
चालू हो जाएंगे। जबकि सात स्टेशनों का निर्माण भूमि मिलते ही शुरू कर दिया
जाएगा।
512 गांव होंगे रोशन
जिले के ऐसे गांव जिनमें सौ परिवार से अधिक रहते है। साथ ही गांवों की नई बस्तियां जहां विद्युत लाइनें है। ऐसे 512 गांवों और मजरों को संतृप्त किया जाना है। इस कार्य में करीब एक अरब का खर्च आएगा। फिलहाल शासन स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद कानपुर की प्राइवेट कंपनी एसपीवीएल को विद्युतीकरण का काम मिला है। राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना फेज-2 के तहत गांवों को रोशन करने का काम तेज कर दिया गया है। कंपनी के लोग सर्वे कार्य जुटे है। फिलहाल ब्लाक सरीला के 83, गोहांड के 79, मौदहा के 89, कुरारा के 59, मुस्करा के 80, सुमेरपुर के 77 व राठ के 56 मजरे शामिल है जिनमें अभी तक प्रकाश की व्यवस्था नहीं हुई है। इस योजना से उपकेंद्रों पर बढ़ने वाले लोड को नियंत्रित रखने के लिए सबस्टेशनों पर नए फीडर स्थापित किए जाएंगे।
जिले को दस सबस्टेशनों की मिलेगी सौगात
बिजली की बढ़ती खपत के साथ बढ़ रहे निजी नलकूपों के कनेक्शनों को देखते लो वोल्टेज से लोगों को निजात दिलाने के लिए तैयार खड़े इचौली, भौली व सुमेरपुर द्वितीय के 33/11केवी उपकेंद्र 2015 में चालू हो जाएंगे। फिलहाल भौली और सुमेरपुर द्वितीय पावर सबस्टेशनों पर लाइन बिछाने का काम अंतिम चरण में है। वहीं सुमेरपुर ब्लाक के छानी गांव में 667.83 लाख, कुछेछा में 506 लाख, पारारैपुरा में 659 लाख, कुरारा ब्लाक के मिश्रीपुर में 740 लाख, बैजेइस्लामपुर में 578.50 लाख, सरीला कसबे में 794 लाख व गोहांड ब्लाक के रिहुंटा में 794 लाख की लागत से सबस्टेशन स्थापित होंगे। इन स्टेशनों को तैयार करने के लिए पावर कारपोरेशन ने राजस्व विभाग से जमीन मांगी है। इसके लिए पत्राचार जारी है। भूमि मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
लाखों खर्च कर बड़े स्टेशन स्थापित होंगे
बिजली की समुचित उपलब्धता बरकरार रखने के लिए 7011.89 लाख खर्च हो रहा है। सुमेरपुर स्थित 132केवी उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि में 330.27 लाख खर्च हुआ है। 80एमवीए से 103 एमवीए क्षमता वृद्धि हो चुकी है। सुमेरपुर कसबे में ही 220 केवी विद्युत उपकेंद्र के लिए यूपीएसआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया में 2/160एमवीए का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। इसमें 300 करोड़ का खर्च आना है। वहीं 132केवी विद्युत उपकेंद्र पतारा में 2776.54 लाख व सरीला में 4235.35 लाख से प्रस्तावित है। इन स्टेशनों में सरीला में भूमि मिलने के बाद बाउंड्रीवाल का कार्य पूरा कर लिया गया है। जबकि पतारा में भूमि विवादित होने पर मामला न्यायालय में विचाराधीन है। हालांकि पतारा केंद्र के लिए ट्रांसमिशन के अधिकारियों ने निर्माण कार्य के लिए सामान का स्टाक करना शुरू कर दिया है।
एबीसी लाइनों और ट्रांसफार्मरों का काम होगा पूरा
मुख्यालय सहित मौदहा और राठ कसबों में एबीसी लाइन डालने का काम 2015 में पूरा हो जाएगा। मुख्यालय में 24.24 किमी लाइन बिछाने के साथ 76 ट्रांसफार्मर 11/0.4 केवी के रखे जाएंगे। वहीं मौदहा कसबे में 11/0.4केवी के 69 ट्रांसफार्मर रखे जा रहे है। साथ ही 52.76 किमी लंबी एबीसी लाइन डाली जाएगी। राठ कसबे मे 40.10 किमी एबीसी लाइन के साथ 11/0.4 केवी के परिवर्तक स्थापित होंगे।