न्याय के लिए दसवें दिन भी कस्बेवासी जूझते नजर आए।
हर तरफ सन्नाटा पसरा रहा। वहीं महिलाओं का पाथादेवी मंदिर परिसर में चौथे
दिन भी धरना जारी रहा। महिलाओं ने शाम को कैंडिल मार्च निकाला। वहीं सपा
नेता पुलिसिया कार्रवाई के बाद हुए राजनैतिक घाटे की भरपाई करते नजर आए।
रोज की तरह आज भी दुकानदारों से दुकानें खोलने की मिन्नतें कीं।
बिवांर
कांड के पूरे 10 दिन बीत चुके हैं, पर मामला अभी शांत होता नजर नहीं आ रहा
है। जहां कस्बेवासी भयभीत है। वहीं कस्बे के ज्यादातर लोग घराें से पलायन
कर गए हैं। कस्बे का बाजार अभी तक बंद है।
पाथामाई मंदिर परिसर में
महिलाएं अनिश्चितकालीन धरने में बैठी हैं। समाजवादी पार्टी के नेता
पुलिसिया कार्यवाई के बाद हुए राजनैतिक घाटे की भरपाई करते नजर आए।
सोमवार
को भी कस्बे की बंद दुकानों को खुलवाने के लिए सदर विधायक शिवचरण प्रजापति,
पूर्व विधायिका अंब्रेश कुमारी सहित करीब आधा दर्जन नेता व कार्यकर्ता लगे
रहे।
रविवार को सपाइयों ने जिन दुकानों को खुलवाया तो गांव की महिलाओं ने
दुकानें बंद करा दीं। सपा नेता लोगों को आश्वासन देते रहे कि उन पर लगे
मुकदमे वापस कराए जाएंगे। इसके बावजूद वे लोगों में विश्वास पैदा करने में
पीछे हैं।
कस्बे के लोग इस बात पर अड़े हैं कि जब तक उनके ऊपर लगे मुकदमे
वापस नहीं होते तब तक यहीं स्थिति बनी रहेगी। वहीं शाम को महिलाओं ने
कैंडिल जुलूस प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया।