मंगलवार की देर शाम आई आंधी से जनजीवन अस्त व्यस्त हो
गया। बिजली के पोल और तार टूट जाने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। इससे पानी
की समस्या भी हो गई।
सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन भी बाधित
रहा। पानी के लिए सुबह से हैंडपंपों पर लाइन लगी रही। टूटे पोलो और तारों
की मरम्मत का काम जारी है। पावर कारपोरेशन के मुताबिक पूरे जनपद में करीब
400 पोल और तार टूटे हैं। इससे विभाग को करीब 50 लाख का नुकसान हुआ है।
मंगलवार
की रात करीब 8 बजे तेज आंधी आई। इससे पूरे जनपद की बिजली गुल हो गई। आंधी
से मुख्यालय के अमन शहीद के पास हाईटेंशन लाइन का तार टूटा गया। सैयदबाड़ा
और रमेड़ी सहित अन्य स्थानों पर बिजली के तार टूट गए। कई स्थानों पर भारी
भरकम पेड़ाें की डालें टूट गईं।
इस कारण मुख्यालय की बिजली आपूर्ति
बाधित हो गई। रात 12 बजे कर्मचारियों ने सुमेरपुर से आई 33 हजार लाइन को
चालू किया। दो बार लाइन ट्रिप होने पर कर्मचारियों ने लाइन की कमी को दूर
किया। कर्मचारियों ने रात डेढ़ बजे मुख्यालय के टाउन फीडर को तो चालू कर
दिया, किंतु अन्य फीडरों से आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी।
इस कारण आधे
शहर की बिजली गुल रही। बुधवार को दोपहर तीन बजे तक भी आपूर्ति बहाल नहीं
हो सकी। इस मामले में पावर कारपोरेशन के अधिशाषी अभियंता ने कहा कि करीब
400 पोल और तार टूटे हैं। इससे कारपोरेशन को करीब 50 लाख रुपये की क्षति
हुई है। पूरी तरह बिजली सुचारु होने में वक्त लगेगा।
उधर, कृषि
विज्ञान केंद्र कुरारा के वैज्ञानिक डॉ. सीके राय ने बताया कि मौसम वेधशाला
में 52.50 किमी की रफ्तार से आंधी रिकार्ड की गई है। भरुआ सुमेरपुर
प्रतिनिधि के अनुसार पावर कारपोरेशन के अवर अभियंता एसपी मिश्रा ने बताया
कि अलग-अलग फीडरों के करीब 20 खंभे क्षतिग्रस्त हुए हैं।
आंधी से
हिंदुस्तान यूनीलीवर की सप्लाई भी गड़बड़ा गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के
फीडरों के बंद हो जाने से पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। आपूर्ति बहाल
करने के लिए बुधवार को सभी फीडरों में कार्य शुरू कर दिया गया। आपूर्ति
बहाल किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
आपूर्ति ठप होने से
पंधरी, पत्यौरा, कुंडौरा, इंगोहटा, मवईजार, बंाकी, बिलहड़ी, नारायनपुर,
कुंडौरा, मुंडेरा, बदनपरुर धुंधपुर, मौहर, अतरैया, बिरखेरा, पारा रैपुरा,
आदि गांवों को बिजली नहीं मिल सकी। आंधी आने से किसानों को भी भारी क्षति
उठानी पड़ी।
खेतों में लगे भूसे के ढेर उड़ गए। विद्युत आपूर्ति ठप
रहने से लोगों को पेयजल के लिए भी जूझना पड़ा। कुरारा प्रतिनिधि के अनुसार
ब्लाक के गांवों और कस्बे में आंधी आने के बाद से बिजली ठप है। बिजली के
नौ पोल टूटे हैं। मुख्यालय के पावर सबस्टेशन को जाने वाले फीडर की लाइनों
में 26 खंभे टूटने की बात जेई ने कही है। मुस्करा प्रतिनिधि के अनुसार 34
गांवों की बिजली गुल है।
दर्जनों खंभे टूटने से लाइन ध्वस्त है।
इसके चलते पेयजल योजनाएं भी बंद पड़ी हैं। पानी को लेकर ग्रामीणों को
हैंडपंपों पर लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं। पौथिया प्रतिनिधि के अनुसार
क्षेत्र में आंधी से कुम्हऊपुर गांव को गई लाइन के तीन खंभे टूट गए। साथ ही
334 नलकूप को जाने वाली लाइन के चार खंभे टूटे हैं। कई स्थानों पर पेड़ों
के टूटने से तार क्षतिग्रस्त हुए है। बिजली व्यवस्था बहाल करने के प्रयास
जारी हैं।