जरिया थानाक्षेत्र के करियारी गांव में आर्थिक तंगी के चलते 35 वर्षीय युवक ने सूने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उसके ऊपर करीब एक लाख रुपये का कर्जा भी बताया जा रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। करियारी गांव का नरेश (35) परिवार के साथ रहता था। उसकी पत्नी जयंती दोनों बेटाें कल्लू (11) व लल्लू (7) के साथ मायके बागीपुरा इटौरा गई थी। नरेश घर पर अकेला था। बुधवार की शाम करीब पांच बजे मां देशरानी उसे खाना देने गई।
कई बार आवाज लगाने के बाद उसने कुंडी नहीं खुली तो वह दरवाजे पर खाना रखकर लौर्ट आई। वह अपने बडे़ पुत्र फूलसिंह के साथ रहती है। देर शाम तक जब नरेश के दरवाजे नहीं खुले तो परिजनों ने किवाड़ खोलकर देखा जहां नरेश फांसी पर लटका था और उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की मां देशरानी ने बताया कि उस पर गांव के लोगों का करीब एक लाख का कर्जा भी था। वह अपनी तीन बीघे पैतृक जमीन पर खेती व मेहनत मजदूरी कर परिवार चलाता था।
थानाध्यक्ष जरिया शिवमूरत सिंह यादव ने बताया कि मृतक के भाई फूलसिंह की सूचना पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। आत्महत्या का कारण आर्थिक तंगी बताया जा रहा है।