हत्या के अलग-अलग मामलों में अलग-अलग अदालतों ने सजा सुनाई हैं। एक आरोपी को उम्रकैद और दूसरे आरोपी को 14 वर्ष सश्रम कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
अपर सत्र न्यायालय कोर्ट संख्या तीन के सहायक शासकीय अधिवक्ता राकेश सिंह यादव ने बताया कि राठ के खुशीपुरा मोहल्ला निवासी कुलदीप को चौबट्टा निवासी अनूप तिवारी ने तमंचे से मौत के घाट उतार दिया था।
घटना सात अप्रैल 2012 की शाम की है। दोनों में पुराना जमीन का विवाद था। रिपोर्ट भाई दिलीप तिवारी ने कोतवाली में दर्ज कराई थी। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या तीन राधेश्याम यादव ने अनूप को उम्रकैद व दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वहीं कोर्ट संख्या-चार के सहायक शासकीय अधिवक्ता आनंद कुमार सक्सेना ने बताया कि जरिया थानाक्षेत्र के अमूंद गांव में 27 दिसंबर 2010 को साझे के नलकूप से पानी लगाने के विवाद पर दो चचेरे भाइयों हरचरन उर्फ चन्ना व चतुर सिंह के बीच विवाद हो गया था आवेश में आए हरचरन और उसके बेटों बृजकिशोर, शिवकरन ने कुल्हाड़ियों से चतुर सिंह को मौत के घाट उतार दिया।
इसकी रिपोर्ट मृतक के बड़े भाई मैयादीन ने थाने में दर्ज कराई थी। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या चार शैलोज चंद्रा ने हरचरन को 14 वर्ष का सश्रम कारावास व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दूसरे आरोपी शिवकरन की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है। वहीं तीसरा आरोपी बृजकिशोर अब तक फरार है।