मुख्यालय स्थित संगमहेश्वर मंदिर में रुद्र महायज्ञ की तैयारियां जोर-शोर
से चल रहीं है। पश्चिम बंगाल से आए कारीगर यज्ञ स्थल, संतों की प्रवास
कुटिया के साथ अन्य कार्यों को सुंदर ढंग से अंजाम देने में जुटे हैं। अभी
से ही बाहर के संतों का आना भी शुरू हो गया है।
मुख्यालय के मेरापुर
भिलांवा गांव स्थिति प्राचीन संगमहेश्वर मंदिर में 21 जून से रुद्र महायज्ञ
का आयोजन शुरू होगा। जिसमें रात 8 से 12 बजे तक बरसाना मथुरा के कलाकार
रासलीला का एक सप्ताह तक मंचन करेंगे।
दिन में सुबह से शिव महिमा,
रुद्राभिषेक का कार्यक्र म अनवरत चलेगा। मंदिर के मुख्य महंत त्रिभुवन दास,
व्यवस्थापक दर्शनदास, संत सतीशदास व हरिद्वार से आए लवचंद्र दास ने बताया
कि अब तक का यह सबसे बड़ा आयोजन होगा।
इसकी तैयारियां की जा रही हैं।
जिसमें करीब 20 लाख रुपये का खर्च आएगा। मुख्य महंत ने बताया कि 20 जून को
सुबह मंदिर परिसर से कलश यात्रा निकाली जाएगी।
कलश यात्रा में डीजे, हाथी,
घोड़े के अलावा महिलाएं सिर पर कलश लेकर चलेगी।
यात्रा मेरापुर भिलांवा
होते हुए क्षीर सागर गेस्ट हाउस, रमेड़ी, सुभाष बाजार, कालपी चौराहा,
पुराना यमुना घाट, रहुनियां धर्मशाला से बस स्टाप होते हुए मंदिर पंरिसर
में समाप्त होगी।
मंहत ने बताया कि यह कार्यक्रम सभी के सहयोग से किया जा
रहा है। उन्होंने सभी से सहयोग की अपेक्षा की है।