रमजान शुरू होने से पहले सरकार से लेकर आला अफसर तक साफ-सफाई व प्रकाश
व्यवस्था पर जोर तो देते रहे, लेकिन निचले स्तर पर व्यवस्थाओं में खासी
लापरवाही बरती जा रही है। हालांकि इमाम चौक में रोजेदाराें को परेशान करने
वाले कूड़े के ढेर लोगों की मांग व अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के
बाद हटा दिए गए।
नालों पर डाले जा रहे कूड़े-कचरे से कई स्थानों पर
होने वाली बदबू से रोजेदारों को निजात नहीं मिल पा रही है। स्टेशन रोड के
क्योटरा मोहल्ला हुसैनगंज कपसा रोड़ तक पूरा नाला कीचड़ व बदबू से बजबजा
रहा है।
इसके किनारे रहने वाले रोजेदार बेहाल है। नगर पालिका परिषद का दावा
है कि वह सफाई तो कराते हैं। लेकिन नाले में अतिक्रमण के चलते कर्मचारी
वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। वैसे यह व्यवस्था पालिका की है।
कैसे नाले
साफ हों और कैसे कचरा हटे। कुल मिलाकर आदेशों, निर्देशों के बावजूद रमजान
माह में नगर पालिका परिषद से गंदे नालाें की सफाई की अपेक्षा की। उसमें
कारगर ढंग से अमल नहीं हो पाया।
कसौड़ा मोहल्ले में सरेआम सड़क पर गोश्त के
लिए जानवर काटे जाते हैं। वहीं जानवरों की खालें भी एक ऐसी जगह एकत्र की
जाती है। जिसकी बदबू से बाशिंदे व रोजेदार बुरी तरह से परेशान है।
सभासद
मुईन पठान का कहना है कि दीवान शहीद बाबा के निकट नाले के किनारे बड़ी
संख्या में रोजदार रहते हैं। नाले की सफाई पूरी तरह न किए जाने से इसकी
बदबू से लोग बेहाल हैं।
वहीं सफाई कर्मियों के नेता कामता प्रसाद ने
बताया कि ज्यादातर लोग इसी नाले में ही अपने सेफ्टिक टैंक बनाए हैं और
नालों की दीवाराें पर अतिक्रमण किए हैं। वह सफाई करने का पूरा प्रयास करते
हैं। जब तक अधिकारी इनसे अतिक्रमण नहीं हटवाते तब तक सफाई की पूरी उम्मीद
बेमकसद है।
अधिशाषी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि
कस्बे के सभी रास्तों पर प्रतिदिन सफाई का कार्य कराया जा रहा है। रही बात
नालों की तो वहां के लोग ही सेफ्टिक टैंक बनाए हैं, इसे दिखाया जाएगा।