थाना ललपुरा के कु म्हऊपुरगांव में शनिवार रात एक किसान ने फसल बर्बाद देख
खेत में बबूल के पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। घटना की जानकारी परिजनों को
रविवार सुबह हुई। पुत्र ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद डीएम संध्या तिवारी
ने घटना स्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
अतिवृष्टि
और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। बीती रात थाना ललपुरा के
कुम्हऊपुर के किसान राजाराम निषाद (55) पुत्र बडंगा ने फसल बर्बादी पर
फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक के पुत्र अनूप ने बताया कि पिता के नाम दो
एकड़ जमीन है। इसमें दो बीघा जमीन पर उनके साथ तीन चाचा का भी हक है। बताया
कि एक एक वर्ष सभी फसल काटते है।
इस बार उनका नंबर नहीं था। हमने तीन बीघे
खेत में चना बोया। बताया कि ज्यादातर हिस्से में चना उपजा नहीं, वहीं जो
जमा भी वह बारिश से बेकार हो गया। अनूप ने बताया कि पिता मेहनत मजदूरी करते
थे। इटावा में आलू की खुदाई कर नवरात्र पर घर लौटे थे। उसने बड़ी बेटी
मैना की शादी जनपद फतेहपुर के रूरूवा गांव में तय की थी।
शादी पर आने वाले
खर्च को लेकर काफी परेशान थे। वहीं दूसरी बेटी भी शादी लायक है। उसकी मां
गिदियां भी क्षयरोग से ग्रसित है। इसी चक्कर में उसने अपने खेत में ही ईंट
पाथ ली थी। लेकिन बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। मृतक के पुत्र ने
बताया कि शनिवार को उसके पिता छानी गांव बाजार करने गए थे।
वहां से गृहस्थी
का सामान लेकर लौटे और शाम को घर पर पिता ने तीनों बहनों को 100-100 रुपये
देकर कहा कि अब उसका सहारा छोड़ दो। इस पर किसी ने गौर नहीं किया। इतना कह
वह खेतों की तरफ निकले गए। रात में काफी खोजा लेकिन वह नहीं मिले। सुबह
उसकी बहन मैना जब खेत में गई तो पिता को पेड़ से लटकते पाया।
इस घटना क ी
सूचना मिलते ही उप जिलाधिकारी रामसुरेश वर्मा गांव पहुंचे और घटना स्थल का
मुआयना किया। इसके बाद जिलाधिकारी गांव पहुंची और परिवार को फौरी राहत के
तौर पर 50 किलो गेहूं, 50 किलो चावल, 5 लीटर मिट्टी का तेल दिलाने का
लेखपाल को निर्देश दिया।
फिर डीएम पोस्टमार्टम हाउस पहुंची और पीड़ित
परिजनों को 2 हजार रुपये अंतिम संस्कार को दिए। इस मामले में उप जिलाधिकारी
रामसुरेश वर्मा ने बताया कि पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। कहा
कि मौत के कारणों की जांच की जा रही है।