पूर्व सैनिक ने छत की संतीर से फंदा लगाकर इहलीला समाप्त कर ली।
- फोटो : Demo pic
गोहांड/राठ। सूखे में फसल खराब होने से आर्थिक तंगी से परेशान किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। उसकी बेटी की शादी सात मई को होनी थी। उससे पहले किसान के जान देने से घर में मातम छा गया। बेटी की डोली से पहले ही पिता की अर्थी उठ गई।
जरिया थाने के वीरा गांव निवासी किसान मोहर सिंह (45) पुत्र प्रताप लोधी के नाम करीब 25 बीघे जमीन है। उसी पर खेती कर वह अपने परिवार का गुजर बसर करता था। किसान के तीन पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। दो पुत्रियों की शादी अभी नहीं हुई है। इस साल सूखे से किसान की फसल कमजोर हुई है। सात मई को बेटी की शादी, आर्थिक तंगी तथा फसल कमजोर होने से वह परेशान रहने लगा था। गुरुवार की शाम करीब चार बजे सूना घर पाकर किसान ने रस्सी से कमरे में फांसी लगा ली। परिजनों ने जब उसे टंगा देखा तो हड़कंप मच गया।
आनन-फानन परिजन उसे लेकर अस्पताल लेकर पहुंचे जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किसान के बड़े बेटे जग्गू ने बताया कि इस साल बारिश न होने से थोड़ा सा गेहूं पैदा हुआ है। बताया कि इलाहाबाद बैंक और कोआपरेटिव बैंक का करीब दो लाख रुपये का कर्ज था। बताया कि काफी दिनों से उसके पिता फसल न होने, बेटी की शादी की चिंता और कर्ज को लेकर परेशान थे।