बेसिक शिक्षा विभाग से संचालित कई स्कूल एकल संचालित
हैं। जिले में कुल शिक्षामित्रों की संख्या 1030 है, लेकिन अभी 71 का
समायोजन नहीं हुआ है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 959 शिक्षामित्र आंदोलन
की राह पर हैं। ऐसे में ज्यादातर एकल चल रहे स्कूलों में ताले लटक रहे
हैं।
काफी प्रयास के बाद ब्लाक स्तर से जानकारी की गई तो पाया कि
छह ब्लाकों में 39 स्कूलों को शिक्षक व्यवस्था शिक्षामित्रों के जिम्मे
हैं। कहीं कहीं खंडशिक्षाधिकारियों ने अपने स्तर से पठन पाठन सुचारु रूप से
संचालित करने के लिए अनुदेशकों को लगाया है।
एकल संचालित कुछ स्कूलों की
अमर उजाला ने पड़ताल की तो पाया कि मंगलवार को स्कूलों में आने वाले बच्चों
को मायूसी हाथ लगी। शिक्षामित्रों ने स्कूलों मेें ताले नहीं खोले और
मुख्यालय में आंदोलन करते रहे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डा.इंद्रजीत प्रजापति
ने कहा कि शिक्षामित्रों की
भावनाओं को वह अच्छी तरह से समझ रहे हैं। उनके साथ सरकार है। विद्यालयों को
संचालित करें। शिक्षामित्रों से बातचीत हुई है।
शिक्षामित्रों के भरोसे चल
रहे स्कूलों की जानकारी के लिए खंड शिक्षाधिकारियों से सूची मांगी है।
सीन-1
छानी।
विकासखंड सुमेरपुर के छानीबुजुर्ग गांव में प्राथमिक स्कूल संचालित है। इस
स्कूल में शिक्षामित्र से सहायक अध्यापिका बनी मंजेेश लता व विमल कुमार की
तैनाती है लेकिन हाईकोर्ट के फैसले के बाद इस स्कूल पर शिक्षण कार्य बुरी
तरह प्रभावित रहा। स्कूल में ताला लटकता रहा।
सीन-2
कुरारा।
क्षेत्र के चकोठी गांव के प्राथमिक स्कूल में कंडौर गांव निवासी रचना
प्रजापति व कुशौलीपुरवा निवासी विनोद यादव को सहायक अध्यापक बनाए जाने पर
तैनाती की गई थी। इस आदेश के बाद से स्कूल में पाठन पाठन का कार्य प्रभावित
है। मंगलवार को 11:30 बजे विद्यालय में पड़ताल के दौरान सन्नाटा पाया,
सिर्फ एकल कक्ष में प्रेरक विनीता वर्मा और अरविंद मौजूद मिले। जानकारी पर
इन लोगों ने बताया कि मिड डे मील पकाया गया है। बच्चों को खाना खिलाकर घर
भेजने के साथ शिक्षामित्र भी चले गए हैं।
सीन -3
गहरौली।
गांव में दो स्कूल शिक्षामित्रों के भरोसे संचालित हैं। प्राचीन हरिजन
पाठशाला में 113 बच्चे हैं। शिक्षामित्र कामता प्रसाद, सुखदेवी व दिलीप की
तैनाती है। वहीं गहरौली के औराडेरा के प्राथमिक विद्यालय में 29 बच्चे पढ़
रहे हैं। यह स्कूल भी शिक्षामित्रों मनीराम व शिखा द्विवेदी के भरोसे है।
मंगलवार को दोनों स्कूलों में ताला लटकता रहा।
इन गांवों के परिषदीय स्कूल शिक्षामित्रों के भरोसे
ब्लाक सुमेरपुर-छानीबुजुर्ग, परसनी, बड़ाकछार, झझरियां डेरा, करही डेरा, सुरौलीबुजुर्ग।
ब्लाक
मौदहा-नगर क्षेत्र में हैदरिया, हुसैनियां इस्लामियां, मैइयादीन डेरा,
सिसोलर, गढ़ा, गुढ़ा, बैजेमऊ, बेरी, धनगवां, पासीडेरा, लदार, मदारपुर।
ब्लाक
मुस्करा-चंदौरा, मौदहा बांध, बड़ाडेरा, तगारी, चिलेहटा, दोहरी, पांडे
डेरा, औराडेरा, बिहूनीं, गहरौली, कन्या बहदीना अछपुरा, कन्या इमिलिया।
ब्लाक गोहांड-जिगनी, औराखेड़ा, बंगरा।
ब्लाक राठ- नगर का सरदार बल्लभभाई पटेल, लिधौरा, मलेहटा, कुछेछा, बहगांव, ददरी।