कुछेछा स्थित विकास भवन के बगल में लाइन ठीक करते समय
संविदा कर्मी की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। दो संविदा कर्मियों
के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए जाने से नाराज संविदा कर्मियों ने विरोध में
रविवार को कार्य बहिष्कार कर हड़ताल शुरू कर दी है। संविदा कर्मियों ने
अधिशाषी अभियंता को ज्ञापन देकर मामले की जांच कराकर झूठे मामले में फंसाए
गए संविदा कर्मियों को न्याय दिलाने की मांग की है।
ज्ञात हो कि 25 जून
को दोपहर करीब 2 बजे विद्युत उपकेंद्र पौथिया से पोषित सहजना फीडर से जुड़े
कुछेछा गांव स्थित विकास भवन के बगल में लाइन ठीक करते समय संविदा
कर्मचारी रमेश पुत्र रामपाल निषाद की मौत हो गई थी।
मृतक के पिता ने इस
दुर्घटना में संविदा कर्मचारी चंद्रप्रकाश साहू व प्रकाशचंद्र के खिलाफ
कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जिससे दोनों संविदा कर्मचारियों को
पुलिस ने कोतवाली में बंद कर दिया।
संविदा कर्मियों को झूठे आरोप में फंसाए
जाने पर सभी संविदा कर्मचारी आक्रोशित हैं। संविदा कर्मियों ने रविवार को
कार्य बहिष्कार कर पावर हाउस में प्रदर्शन किया।
उन्होंने अधिशाषी अभियंता
को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच करा संविदा कर्मियों की रिहाई की मांग की
है। ज्ञापन देने वालों में कमलेश कुमार, बृजेश, आमिर नसीम, रामविलास, अनिल
द्विवेदी, रामबाबू, कुलदीप, हरिया, कंधी, रामू, दिनेश कुमार सहित अन्य
संविदा कर्मी मौजूद रहे।