प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, भरुआसुमेरपुर में चिकित्सक से हुई मारपीट के
मामले का जिन्न एक बार फिर बाहर आ गया है। चिकित्सकों ने प्राथमिक
स्वास्थ्य केंद्र में मेडिको लीगल का कार्य ठप कर दिया और ब्लाक प्रमुख
प्रतिनिधि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं मामले की जांच कर अपर पुलिस
अधीक्षक ने चिकित्सक को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने
को कहा है।
ज्ञात हो कि 19 जून की रात मेडिकल कराने को लेकर ब्लाक
प्रमुख प्रतिनिधि जयनारायन सिंह यादव व डा.अमित वर्मा के बीच विवाद हुआ था।
जहां ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि ने चिकित्सक पर नशे में धुत होने का आरोप
लगाया था वहीं चिकित्सकों ने उन पर अभद्रता किए जाने का आरोप लगाकर 20 जून
को प्रदर्शन किया और दिनभर ओपीडी बंद रखी।
इसी क्रम में शुक्रवार को
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की जिला इकाई ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में
मेडिको लीगल का कार्य ठप रखा। अब ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि के खिलाफ एफआईआर
दर्ज न किए जाने पर 29 जून से पूरे जिले में मेडिकल कार्य ठप करने की धमकी
दी है। संघ ने बैठक में हुए निर्णय की प्रति मुख्य चिकित्साधिकारी और संघ
को भेजी है।
उधर एएसपी कार्यालय से डा.अमित सिंह को उपस्थित होकर बयान दर्ज
कराने के लिए बुलाया गया है। वहीं ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि का कहना है कि
उन्हें प्रशासनिक जांच पर पूरा भरोसा है। अगर उन्हें दोषी पाया जाए तो उनके
खिलाफ जरूर एफआईआर दर्ज की जाए।
लेकिन डाक्टराें द्वारा कार्य बाधित करना व
प्रशासनिक कार्य में विश्वास न करना यह साबित करता है कि वह अपनी कमियों
को छिपाने के लिए गलत तरीके से प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते हैं। इसके लिए
प्रधान संघ भी आंदोलन करने के लिए हर तरह से तैयार है।