हमारी लड़ाई अधिकारियों से नहीं व्यवस्था से है।
भाकियू पदाधिकारी अधिकारियों से शिष्टाचार से बात करें, तभी समस्या का हल
होगा। संगठन को मजबूत करने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता गांव-गांव जाए। यह
बात भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कलेक्ट्रेट में आयोजित
किसान पंचायत में कही।
ज्ञात हो कि भाकियू जिलाध्यक्ष निंरजन सिंह
राजपूत के नेतृत्व में 21 नवंबर से कलेक्ट्रेट परिसर में किसानों की
समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। बुधवार को राष्ट्रीय
पंचायत में बुंदेलखंड के अलावा आसपास जिलों के किसान नेताओं ने शिरकत की।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि किसानों के हक में डाका डालने वालों से हमें
लड़ना होगा। यह काम तभी होगा जब जिले में हमारे संगठन में एकता होगी।
दोबारा कलेक्ट्रेट में जब भी पंचायत हो तो किसानों से पूरा का पूरा
परिसर भरा हो।
उन्होंने कहा कि 16 से 18 जनवरी को इलाहाबाद में
राष्ट्रीय पंचायत होगी। कहा कि 17 जनवरी को इलाहाबाद में वह बुंदेलखंड के
पदाधिकारियों से बात कर उनकी समस्याएं जानेंगे।
फिर एजेंडा बनाया
जाएगा और बुंदेलखंड की समस्याओं के निराकरण को झांसी के कुरुक्षेत्र
मैदान में धरना दिया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बुंदेलखंड
क्षेत्र में किसानों को मुफ्त बिजली दी जाए, संपूर्ण कर्ज माफ
किए जाएं, 16 घंटे बिजली और सिंचाई के लिए प्रत्येक 25 एकड़ जमीन पर
सरकारी नलकूप लगवाने समेत कई मांगे झांसी के धरने में शामिल होगी।
पंचायत में भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकिशोर,
प्रवक्ता अवधेश वर्मा, बुंदेलखंड अध्यक्ष राजवीर चौहान, बैजनाथ अवस्थी,
हरदत्त पांडेय के अलावा बृजपाल सिंह परिहार, संतोष सिंह, रामपाल सिंह,
भगवानदास मौजूद रहे।