सुमेरपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में मिली गिलट की पायल दिखाते दंपति। अमर उजाला
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इटावा और औरैया के बाद अब जिले में भी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दी गई पायल की शुद्धता पर सवाल उठने लगे हैं। मंगलवार को बीडीओ रत्नेश सिंह के पास पहुंचे एक नवदंपति ने गिलट की पायल दिए जाने की शिकायत की। बीडीओ ने मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। डीएम आरपी पांडेय ने एसडीएम सदर राहुल यादव के नेतृत्व में जांच टीम गठित कर बुधवार तक रिपोर्ट मांगी है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 23 फरवरी को नवीन गल्ला मंडी में आयोजित समारोह में वार्ड नंबर 14 निवासी हिमांशी की शादी राहुल सोनकर से हुई थी। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस समारोह में 63 जोड़ों की शादियां कराई गई थीं। हिमांशी और राहुल का चयन नगर पंचायत सुमेरपुर की ओर से किया गया था। मंगलवार को नवदंपति ने विकासखंड कार्यालय पहुंचकर बीडीओ को शिकायती पत्र दिया। बताया कि शादी में मिली पायलों पर राजमार्का लिखा हुआ है। समाचार पत्रों में नकली जेवर देने की खबर पढ़कर उन्होंने भी अपने जेवरों को सराफ को दिखाया। सराफने जांच करने के बाद पायल को गिलट की बताया। मंगलसूत्र, कान की कील और बिछिया शुद्ध हैं।
इस संबंध में नगर पंचायत ईओ नीतू सिंह का कहना है कि दंपति ने उन्हें भी शिकायती पत्र दिया है। सामान खरीदने की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग की थी। बड़े अफसरों को अवगत करा दिया गया है।
एसडीएम सदर राहुल यादव की अगुवाई में जांच टीम बना दी गई है। सभी नवदंपतियों के उपहारों की जांच की जाएगी। जांच टीम में जिला कृषि अधिकारी डा. सरस कुमार तिवारी और मनरेगा जिला प्रभारी महेंद्र देव शामिल हैं।
-आरपी पांडेय, जिलाधिकारी