रात में पुलिस पिकेट होने के बावजूद चोरी की घटना लापरवाही प्रदर्शित करती है। अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्रा ने कहा कि मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं। जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
एसपी के निर्देश पर राठ के बसस्टैड से हुई चोरी की जांच करने पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक बीके मिश्रा ने बताया कि रात में दो गश्त पार्टियां पिकेट को निकली हैं। इसकी रवानगी भी कोतवाली में है। साथ ही बसस्टैंड का चौकीदार भी रात में था उसके बावजूद चोरी की घटना होना एक चुनौती से कम नहीं है।
उन्होंने इस चोरी कांड में किसी न किसी रोडवेज कर्मी के मिले होने की भी आशंका जताई है। उन्होंने यह भी बताया कि कैश काउंटर में यदि ज्यादा धनराशि है तो उसे थाने में रखवाए जाने की व्यवस्था है। मगर कैशियर द्वारा यह भी नहीं किया गया। कहा कि चोरी के खुलासे के लिए सर्विलांस, स्वाड टीम समेत तीन टीमों को लगाया गया है
और वह स्वयं इस मामले की निगरानी कर रहे है। बताया कि मामले में किसी पुलिस कर्मी या फिर पिकेट टीम की लापरवाही सामने आई तो कार्रवाई की जाएगी। उधर, रोडवेज के कोषागार कमरे से चोरी हुई तिजोरियों को लेकर क्षेत्रीय प्रबंधक केके शर्मा, रीजनल एकाउंटेंट एसके गुप्ता ने विभागीय जांच शुरू कर दी है।
कोषागार में रखी डबल लॉक की तिजोरी की दो चाबियां होती हैं। जिसकी एक चाबी स्टेशन इंचार्ज और दूसरी कैशियर के पास रहनी चाहिए। परंतु तिजोरी की चाबियां सिर्फ कैशियर के पास रहती थीं। कैशियर राकेश कुमार ने बताया कि बड़ी डबल लॉक वाली तिजोरी की चाबियां छोटी तिजोरी चापर के अंदर रखी हुईं थीं। चापर की मुख्य चाबी उसके पास थी।
कैशियर ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद से रविवार की रात तक कंडेक्टरों से आए कैश को उसने चापर में रखा था। बता दें कि कोतवाली में रोडवेज की एक बड़ी तिजोरी है। सरकारी कैश को तिजोरी में रखा जाता था। परंतु रोडवेज के स्टेशन इंचार्ज और कैशियर की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैए के चलते कभी कभार ही कैश को थाने की तिजोरी में रखा गया।
दोपहर बाद आरएम केके शर्मा, एआरएम फाइनेंस चित्रकूटधाम मंडल बांदा, तहसीलदार परशुराम, कोतवाल जगदेव प्रसाद यादव की मौजूदगी में कोषागार में रखी बड़ी तिजोरी को एक ताला खोलने वाले कारीगर को बुलाकर खुलवाया गया। तिजोरी खुलने के बाद तिजोरी के अंदर रखा पूरा नौ लाख सात हजार रुपया रखा मिला। जिसे आरएम के निर्देश पर बैंक में जमा कराया गया।