मौदहा कस्बे की बेसिक शिक्षा व्यवस्था पटरी पर नहीं आ
रही है। चार स्कूल भवनों के गिरने से अब सिर्फ तीन भवनों में छह विद्यालय
संचालित हो रहे हैं। एक किमी दूर संचालित होने वाले नवीन उपरौस को नरही
पूर्वी तरौस में शिफ्ट किया गया है। वहीं हैदरगंज स्कूल के बच्चों को
चौधराना के भवन में बैठाने की व्यवस्था की गई है। ऐसे में इन स्कूलों के
बच्चे ही वहां नहीं जा रहे हैं।
हालत यह है कि सोमवार को दिन में
12 बजे अमर उजाला ने चौधराना स्कूल की पड़ताल की तो पाया कि हैदरगंज स्कूल
में बच्चों के लिए मिडडे मील बना ही नहीं है। फिलहाल टीचर ने कहा वार्ड
सदस्य द्वारा खाद्य सामग्री ने देने से मिडडे मील नहीं बन सका है।
खंड
शिक्षाधिकारी देवेंद्र कुमार वर्मा ने कहा कि हैदरगंज मोहल्ले के इस
विद्यालय में मिडडे मील नहीं बनने की सूचना प्रधानाध्यापक ने नहीं दी है।
अब वह इसकी जांच पड़ताल करेंगे। अगर संकुल प्रभारी को सूचना दी गई है तो
उसकी भी जानकारी की जाएगी।
कम बच्चे होने के बावजूद नहीं पकाया मिड डे
चौधराना
मोहल्ला में इस्लामियां विद्यालय के बच्चों को पढ़ाने का स्थान नियत किया
गया है लेकिन स्थिति यह है कि इस मोहल्ले के दो चार बच्चे छोड़कर अन्य नहीं
आ रहे हैं। सोमवार को दिन के 12 बजे हैदरगंज मोहल्ले के विद्यालय का एक भी
बच्चा नहीं मिला। प्रधानाध्यापिका शाहीन ने बताया कि 45 बच्चे रजिस्टर
में अंकित हैं। मोहल्ले की दूरी अधिक होने पर रसोइया कुछ बच्चों को साथ
लेकर आती है, लेकिन ज्यादातर बच्चे नहीं आते हैं। बताया कि 28 अगस्त से
मिडडे मील नहीं बना है। वार्ड सदस्य द्वारा सामग्री ही नहीं दी जाती है।
इंटरवल में चले गए बच्चे
कस्बे
के चौधराना मोहल्ले में प्राइमरी में 42 बच्चे पंजीकृत है। शिक्षिका नजमा
बानो ने बताया कि 34 बच्चे आए, लेकिन दिन में 12 बजे मात्र वहां 14-15
बच्चे ही मौजूद मिले। प्रधानाध्यापिका ने कहा कि इंटरवल में बच्चे चले गए।
जबकि 10:30 से 11:30 बजे तक बच्चों को मिडडे मील खिलाया जाता है।
नवीन उपरौस स्कूल में रहा सन्नाटा
पूर्वी
तरौस स्थित विभाग का भवन जहां नवीन उपरौस स्कूल टूटने के बाद एक किमी दूर
पूर्वी तरौस देवी चौराहे पर संचालित किया जा रहा है। इस मोहल्ले के बच्चे
नहीं मिले। प्रधानाध्यापक बिहारीलाल ने बताया कि उपरौस नवीन विद्यालय में
32 बच्चे अंकित हैं, लेकिन वहां 12:30 बजे एक भी बच्चा मौजूद नहीं मिला।
यहीं हाल पूर्वी तरौस विद्यालय का रहा। जहां स्कूल टूटने के बाद इसे भी इस
भवन में संचालित किया जा रहा है। प्रधानाध्यापक सुंदर प्रसाद ने बताया कि
पूर्वी तरौस स्कूल के 27 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन मात्र 15 मिले। यह सभी
बच्चे इलाही तालाब के आसपास के परिवारों के हैं।