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मौदहा थानाक्षेत्र के करहिया गांव में बालक की हत्या में बुधवार को चतुर्थ अपर एवं जिला न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने 30 हजार का अर्थदंड भी लगाया।
शासकीय अधिवक्ता शैलेष स्वरूप चौरसिया ने बताया मौदहा थानाक्षेत्र के करहिया गांव निवासी कल्लू साहू ने एक अक्तूबर 2004 को थाने में अपने लड़के रवि प्रकाश (9) की गुमशुदगी की तहरीर दी थी। इसके बाद तीन अक्तूबर 2004 को उसने सूचना दी कि उसके पुत्र की लाश एक बोरे में गांव निवासी सैय्यदीन के बाड़े में मिली है।
कल्लू साहू ने थाने में दोबारा प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें कहा कि पुत्र की हत्या गांव निवासी जसवंत सिंह ने पारिवारिक जयकरन, धर्मपाल व सूरजपाल के साथ मिलकर की है। इसके बाद पुलिस ने जसवंत की निशानदेही पर आला कत्ल चाकू बरामद किया।
बताया कल्लू का जसवंत से खेत को लेकर विवाद चल रहा था। न्यायालय ने जसवंत सिंह को हत्या में दोषी पाया। वहीं न्यायालय ने जयकरन, धर्मपाल व सूरजपाल को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। मामले की सुनवाई के बाद बुधवार को चतुर्थ अपर एवं जिला न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने जसवंत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।