35वीं बैल दौड़ प्रतियोगिता के फाइनल में झांसी के
लहर गांव निवासी जितेंद्र कुमार यादव ने प्रथम स्थान पाकर शील्ड और बाइक पर
कब्जा किया। कार्यक्रम आयोजक जुगनू भाई ने ऐलान किया कि अगले वर्ष वे
मौदहा महोत्सव का आयोजन करेंगे। इसमें मुशायरा, बैल दौड़, हाकी का अखिल
भारतीय टूर्नामेंट होगा।
कपसा मार्ग पर 25 व 26 जनवरी को होने वाली
जश्ने आजादी के नाम पर होने वाली बैल दौड़ प्रतियोगिता मौसम खराबी के चलते
टल गई थी। मंगलवार को दिन भर कई राउंड की बैल दौड़ के बाद क्वार्टर फाइनल
के लिए छह जोड़ी बैलों ने सेमीफाइनल में स्थान बनाया था।
बुधवार को
इनको दो राउंड में तीन तीन जोड़ी के रूप में दौड़ाया। इसमें चार जोड़ी बैल
फाइनल में पहुंचे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कानपुर विधायक हाजी इरफान
सोलंकी के भाई फैजान सोलंकी और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी
श्रीनाथ, आयोजक जुगनू भाई ने हरी झंडी दिखाकर फाइनल दौड़ शुरू कराई।
फाइनल
में झांसी के जितेंद्र के बैल प्रथम रहे, जबकि महोबा के कहरा गांव निवासी
कुबेर सिंह की बैल जोड़ी दूसरे स्थान पर रही। झांसी के रतिलाल ने तीसरा
स्थान पाया। परछा निवासी बाबू के बैल चौथे नंबर पर रहे। इस अवसर पर जुगनू
भाई ने ऐलान किया कि बैल दौड़ जारी रहेगी। अगले वर्ष वे मौदहा महोत्सव का
शुभारंभ करेंगे। मुख्य अतिथि ने भी आयोजन की प्रशंसा की।