रविवार को करंट लगने से गांव हसनापुर कॉलोनी के नरेंद्र की मौत के मामले में बुधवार को पुलिस ने शव को मिट्टी से निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
गौरतलब है कि रविवार की सुबह मोबाइल का चार्जर फटने से नरेंद्र को करंट लग गया था। परिवार के लोग उसे बंडा में निजी डॉक्टर के यहां ले गए तो नरेंद्र को मृत घोषित कर दिया गया था। कुछ लोगों ने मृतक के परिवार वालों को सलाह दी कि करंट लगे व्यक्ति के शरीर से नीचे का हिस्सा मिट्टी में दबा दिया जाए तो करंट का असर समाप्त हो जाता है। इस पर परिवार के लोगों ने नरेंद्र के शव को मिट्टी में दबा दिया था। तीन दिन तक शव मिट्टी में दबा रहा। गांव के लोगों ने मृतक को घर के अंदर मिट्टी में दबाए जाने से बीमारी फैलने की आशंका जताई थी। अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया तो बुधवार को बंडा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया।
खुटार के गांव नरौठा का मूल निवासी नरेंद्र 15 वर्ष से हसनापुर कालोनी में रह रहा था। भूमिहीन होने के कारण वह सीमेंट की नाद आदि बनाकर परिवार की गुजर करता था। नरेंद्र की मौत से उसकी पत्नी धनवत्ता और छह नाबालिग लड़कियों के सामने रोजी रोटी का संकट आ खड़ा हुआ है।