हमीरपुर शहर के पुराना बेतवा घाट मोहल्ले में दो दिन पूर्व जुआ खेलने के दौरान बेतवा नदी में दो युवकों की डूबकर हुई मौत के मामले में पुलिस अधीक्षक एके सिंह ने कोतवाल, एसआई और चार सिपाहियों को निलंबित कर दिया है। इस प्रकरण में एक दारोगा और एक सिपाही को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इन पर कोतवाली में पकड़कर लाए गए जुआरियों को छोड़ने और सूचना में लापरवाही का आरोप है।
शहर के पुराना बेतवा घाट में बुधवार को कोतवाली पुलिस एक घटना में वांछित अशोक सोनकर को पकड़ने पहुंची। लेकिन इस बीच पुलिस को एक फड़ में कुछ लोग जुआ खेलते मिले। पुलिस ने घेरा तो छह जुआरी हाथ लगे। वहीं कुछ ने बेतवा नदी में छलांग लगा दी। पुलिस पकड़े गए लोगों को कोतवाली ले आई और कुछ देर बाद छोड़ दिया।
उधर बेतवा नदी में कूदे खालेपुरा मोहल्ला निवासी इसरार (32) का शव नदी में मिला तो लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। वहीं देर रात दूसरे युवक रमेड़ी निवासी अमित धुरिया (22) का शव पुलिस ने नदी से खोज निकाला। दो युवकों की मौत के मामले में हुए हंगामे के बाद पुलिस और प्रशासन ने पीड़ित पक्षों की हर बात मान ली।
मामले को किसी तरह निपटाने कोशिशें रात भर हुईं। इस पर प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को चार-चार लाख रुपये की मदद देने के साथ आसरा योजना से आवास दिलाने सहित अन्य मदद का भरोसा देकर मामले को निपटाया गया। वहीं पीड़ितों की तहरीर पर एसआई सुनील कुमार, सिपाही रामशंकर, शिवपाल, अनिल के अलावा तीन अज्ञात के खिलाफ धारा 147/302 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया।
इसी के बाद एसआई और रामशंकर को निलंबित कर दिया। इस घटना में शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक ने कोतवाल अनूप कुमार सिंह, दरोगा गोपाल अवस्थी, आरक्षी सर्वेश कुमार, अभय कुमार पांडेय, अशोक कुमार व अवनीश निरंजन को निलंबित कर दिया है। एसपी ने बताया कि जुआ में पकड़े गए लोगों को बिना कार्रवाई के छोड़ने और सूचना देने में लापरवाही सामने आई है।
इसी आधार पर इन पुलिस कर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। पुलिस कर्मियों पर जिस प्रकार से ताबड़तोड़ कार्रवाई अमल में लाई गई है। इससे लगता है कि बिगड़ी कानून व्यवस्था को आम जनता के बीच सरकार अपनी छवि क ो सुधारने का प्रयास कर रही है।
कोतवाली में एक दरोगा और तीन सिपाहियों पर हत्या का मामला दर्ज हुआ, लेकिन इनमें एक दारोगा और एक सिपाही को ही निलंबित किए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक एके सिंह ने कहा कि मामले की विवेचना चल रही है। फिलहाल एक सिपाही की कोतवाली में तैनाती नहीं है। विवेचना के बाद अगर सिपाही घटना में शामिल पाए जाएंगे तो कार्रवाई की जाएगी। उधर घटना को लेकर पुलिस संवेदनशील है। एक ट्रक पीएसी मुख्यालय के हर चौराहे पर गश्त कर रही है।