प्राथमिक शिक्षा तमाम समस्याओं से गुजर रही है। कहीं टीचरों का अभाव है तो
कहीं टीचर शिक्षण कार्य में रुचि नहीं ले रहे हैं। स्कूलों के भवन जर्जर
हैं तो हैंडपंप और शौचालय खराब पड़े है। फिलहाल इन्हीं समस्याओं से निजात
दिलाने के लिए नए साल में शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूलों को गोद लेकर
इन्हें ठीक ढंग से संचालित करने का काम करेंगे।
कई टीचरों की पदोन्नति हो
चुकी है। इसी के बाद अब बड़ी संख्या में प्रशिक्षु टीचरों की भर्ती की
तैयारी हो रही है। इससे काफी हद तक टीचरों की कमी हल हो जाएगी। अंग्रेजी
माध्यम की शिक्षा भी नए सत्र में शुरू हो जाएगी। मॉडल स्कूल खोलकर अंग्रेजी
माध्यम से बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए नए
वर्ष में विभागीय अधिकारियों को स्कूल गोद देंगे। कई नई योजनाओं को शुरू
करने की तैयारी है। मसलन स्कूलोें में हैंडपंप, शौचालयों को संचालित कराया
जाएगा। स्कूलों में टीचरों की कमी भी काफी हद तक दूर करने का प्रयास किया
जाएगा।
-डा.रामचंद्र, बेसिक शिक्षा अधिकारी
स्कूलों को गोद लेकर होगी देखरेख
नया
वर्ष 2015 पर बेसिक शिक्षा को पटरी पर लाने की कवायद रंग लाएगी। मौजूदा
समय में स्कूलों के पठन पाठन सहित साफ सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
कहीं शौचालय टूटे पड़े हैं तो कहीं गंदगी का अंबार है। वहीं हैंडपंप खराब
होने से पेयजल की समस्या है। इसे को देखते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारी इन
स्कूलों को गोद लेंगे। इसके बाद इनकी मॉनीटरिंग होगी। ताकि शिक्षा की
गुणवत्ता के साथ साफ सफाई को चकाचक रखा जा सके।
114 स्कूलों में बनेंगे शौचालय
जिले
में 1170 परिषदीय स्कूल है। लेकिन 114 स्कूल ऐसे है जिनमें शौचालय तो बने
हैं, लेकिन मौजूदा समय में इतने जर्जर हो चुके है कि इनका उपयोग नहीं हो
रहा है। शासन ने प्रत्येक शौचालय के लिए 70 हजार रुपये क ी धनराशि संबंधित
स्कूलों को जारी की है। ऐसे में नए वर्ष पर इन स्कूलों को शौचालयों की
सौगात मिलेगी।
मॉडल स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से होगी पढ़ाई
अंग्रेजी
माध्यम से जिले में दो मॉडल स्कूलों का संचालन के प्रयास तेजी से जारी है।
बीते 24 दिसंबर को फिर बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव ने बीएसए को पत्र भेजा
है। स्पष्ट किया है कि शैक्षिक सत्र 2015-16 से शिक्षण कार्य प्रारंभ करने
का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जनपद स्तर पर कार्यरत परिषदीय विद्यालयों
के टीचरों को अंग्रेजी माध्यम के मॉडल विद्यालय में चयन के आवेदन आमंत्रित
करने के निर्देश दिए है।
33 स्कूलों में लगेंगे हैंडपंप
जिले
के 57 परिषदीय विद्यालय हैंडपंप विहीन है। इन स्कूलों के बच्चों को मिड डे
मील खाने के बाद अपने घरों पर पानी पीने जाना पड़ रहा है। लेकिन नए वर्ष
में 18 हैंडपंप नए लगेंगे। जबकि स्थाई रुप से बंद पड़े हैंडपंपों में 15 का
रिबोर कराया जाएगा। इसमें आठ प्राथमिक स्कूल और 10 जूनियर विद्यालयों को
हैंडपंपों की सौगात मिलेगी। फिलहाल भूजल स्तर नीचे जाने से हैंडपंप जवाब
देने लगे है।
316 स्कूलों में खरीद जाएंगे बर्तन
बेसिक
शिक्षा विभाग स्कूलों में बर्तनों, गैस सिलेंडरों की खरीददारी कराएगा। 316
स्कूल ऐसे है जिनमें छात्रों की संख्या अधिक है। वहीं पिछले वर्ष 25
स्कूलों में चोरी की घटनाएं हुई है। फिलहाल 443 में गैस कनेक्शन नहीं है।
प्रत्येक स्कूल को 5 हजार रुपये बर्तन खरीदने के लिए दिए गए है। अब इन
स्कूलों को अगले वर्ष में बर्तनों और गैस सिलेंडरों की कमी से नहीं जूझना
पड़ेगा।