सड़क हादसे में रविवार को छात्र की मौत से गुस्साए कस्बे के छात्रों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। छात्र डीएम को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे, लेकिन सूचना पर पहुंचे अतिरिक्त एसडीएम व सीओ सदर के लिखित आश्वासन पर करीब पौने दो घंटे पर जाम खुल सका। इस दौरान छात्रों ने बैनर लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रतिभा खोज परीक्षा देने के बाद एक ही बाइक से जा रहे तीन छात्रों को रविवार बस ने कुचल दिया था। हादसे में छात्र गोपाल (16) पुत्र पप्पू गुप्ता की मौके पर मौत हो गई थी। जबकि अंकित शिवहरे व पारस शिवहरे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिनका इलाज कानपुर में चल रहा है।
छात्र गोपाल की मौत पर गुस्साए कस्बे के छात्रों ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजे हाईवे पर जाम लगा दिया। इस जाम में छात्रों के साथ कस्बे के उन लोगों ने भी हिस्सा लिया। जिनके परिजनों की मौत हाईवे पर दुर्घटना में हो चुकी हैं। जाम से वाहनों की लंबी लाइन लग गईं।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने डीएम को मौके पर बुलाने की मांग की। जाम की खबर पाकर एसओ गिरेंद्र पाल सिंह, कस्बा इंचार्ज सतीश चंद्र यादव पहुंचे। बवाल की आशंका से मौदहा पुलिस और अतिरिक्त एसडीएम अशोक कुमार
सिंह व सीओ सदर ओमकार यादव पहुंचे। अधिकारियों ने छात्र रवींद्र कुमार, शुभम मिश्रा, पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष शशिकांत शुक्ला, कुलदीप शुक्ला, चंद्रकिशोर यादव आदि से वार्ता की।
रवींद्र ने आठ सूत्री ज्ञापन सीओ सदर को सौंपकर लिखित आश्वासन देने की शर्त रखी। सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर छात्रों ने जाम खोला। जाम में बांदा, कानपुर, महोबा, लखनऊ आदि जाने वाली यात्री बसें भी फंसी रहीं।