कैराना पर भी टेढ़ी हो सकती हैं सुरक्षा एजेंसियों की निगाहें
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। आईएसआईएस का वेस्ट के हथियार तस्करों से जुड़ने का खुलासा होने पर एनआईए और एटीएस की टीम हथियार सप्लाई के लिए बदनाम मेरठ के रार्धना में डटी हैं। हालांकि जनपद का कैराना भी हथियार तस्करी के लिए कम बदनाम नहीं रहा है। पिछले साल ही पुलिस यहां बड़ी संख्या में हथियारों की बड़ी खेप बरामद कर तस्करी का खुलासा कर चुकी है। ऐसे में इस बात की आशंका भी है कि सुरक्षा एजेंसियों की नजरें कैराना भी पर टेढ़ी हो सकती हैं। स्थानीय खुफिया तंत्र कैराना में सूचना जुटाने के लिए सक्रिय है।
कैराना कस्बा सालों से हथियार तस्करी के लिए बदनाम रहा है। 2013 में भी कैराना के चार लोग हथियार तस्करी के आरोप में अटारी बॉर्डर पर पकड़े गए थे। 2016 में कांधला क्षेत्र निवासी एक युवक अटारी बॉर्डर पर टिन के बॉक्स में चार पिस्टल और सात मैगजीन के साथ दबोचा गया था। इसी साल कैराना क्षेत्र का युवक अटारी बार्डर पर कूकर में पिस्टल छिपाकर लाते हुए पकड़ा गया था। कैराना के ही एक युवक को हरियाणा पुलिस ने हिसार में देशी बमों के साथ पकड़ा था। 2017 में कैराना क्षेत्र के ही एक लाख के इनामी नौशाद डैनी का नाम करनाल में भरे बाजार एक जिम संचालक सहित तीन लोगों की हत्या के मामले में सामने आया था।
एक साल पहले मिला था हथियारों का रिकार्ड जखीरा
जनवरी 2017 को जिला पुलिस ने गंदरऊ रोड पर दो वाहनों से असलहों की भारी खेप पकड़ी थी। इसमें 123 मस्कट, 80 तमंचे और करीब 500 अधबने तमंचे बरामद हुए थे। इसमें एक आरोपी पकड़ा गया था, जबकि छह फरार हो गए थे। पता चला था कि ये लोग हरियाणा आदि कई जगहों पर हथियारों की सप्लाई करते हैं। इतनी बड़ी हथियारों की खेप पकड़े जाने पर शासन तक हिल गया था। ये साफ हो गया था कि कैराना हथियार तस्करी का बड़ा गढ़ है।
हरियाणा में कर रहे खूनखराबा
हाल ही में हरियाणा के रोहतक जिले के गददाखेड़ी गांव में हुई पटवारी के भतीजे सुरेंद्र की हत्या के मामले में रोहतक पुलिस ने कैराना के गोगवान निवासी इंसार को पकड़ा था। आरोप है कि उसी ने हत्यारों को मुजफ्फरनगर के जौला से पिस्टल और कारतूस दिलाई थी। उसके द्वारा पूछताछ में कई और खुलासे किए हैं। ये पहला मौका नहीं है जब हरियाणा में हुई वारदातों में कैराना का नाम सामने आया हो। इससे पहले भी कई मामलों में हरियाणा पुलिस यहां के लोगों को पकड़ चुकी है। दो महीने पहले ही पिछले महीने भी झिंझाना पुलिस द्वारा पकड़े गए दो युवकों से पूछताछ में पता चला था कि हरियाणा में किसी की हत्या के लिए ये लोग कैराना से हथियार की सौदेबाजी को आए थे।
दो अक्तूबर को झिंझाना क्षेत्र में पुलिस कर्मी को गोली मारकर रायफल लूट के खुलासे के बाद पुलिस ने दावा किया था कि वारदात करने वाले खालिस्तान समर्थक हैं। पुलिस ने दावा किया था कि इनका इरादा लूटे गए हथियारों का प्रयोग पंजाब के पूर्व सीएम की रैली में गड़बड़ी करने का है। लिहाजा एटीएस से लेकर एनआईए यहां पहुंची थी। इसकी जांच अब एनआईए कर रही है और उसकी टीम जिले में डटी है। ऐसे में शामली जिला भी इस मामले में काफी संवेदनशील है।
कोट
हथियार तस्करी करने वालों की गोपनीय ढंग से पड़ताल हो रही है। कैराना हथियार सप्लाई के मामले में बदनाम रहा है। पुलिस वहां पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस मामले में संदिग्ध रहे लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उम्मीद है कि जल्द कामयाबी मिलेगी।
अजय कुमार, एसपी शामली