गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ के उद्घोष के
साथ रविवार को सिद्धिविनायक की प्रतिमाओं का बेतवा नदी के किनारे बनाए गए
गड्ढों में विसर्जन किया गया। विसर्जन को लेकर पुलिस प्रशासन मुस्तैदी से
डटा रहा।
जिले में गणेश चतुर्थी के दिन गणपति महाराज की स्थापना दर्जनों
स्थानों में विधि विधान के साथ की गई। पूजा अर्चना के बाद रविवार को
गणपति के विसर्जन का कार्यक्रम आयोजित हुआ।
मुख्यालय के रमेड़ी, सुभाष
बाजार, गौरादेवी व मांझखोर रमेड़ी की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए बेतवा
नदी किनारे ले जाया गया। इसी तरह सुमेरपुर कस्बे में स्थापित गणपति बप्पा
की प्रतिमा को नगर भ्रमण कराने के बाद विसर्जन के लिए बेतवा नदी लाया गया।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की गई मूर्तियों को विसर्जन के
लिए लाया गया।
प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के नदी में विसर्जन किए जाने से
रोक लगाने पर बेतवा नदी किनारे रेत में तालाब जैसा गड्ढा बनाया गया और उसी
में मूतियों का विसर्जन किया गया।
मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के
अरतरा तिराहा, थाना चौराहा व केवन बाबा के निकट स्थापित प्रतिमाओं को
गाजे-बाजे व जयघोषों के साथ श्रद्धालु अबीर गुलाल उड़ाते हुए निकले।
अरतरा
तिराहा से गणपति की प्रतिमा विसर्जन के लिए निकली तो थोड़ी दूर बाद ही थाना
चौराहा की प्रतिमा भी शामिल हो गई। इसके बाद मराठीपुरा के केवन बाबा की
प्रतिमा को मलीकुंआ चौराहा और तहसील मार्ग से होकर बड़े चौराहा ले जाया
गया।
यहां से हमीरपुर मुख्यालय की ओर सभी मूर्तियां ले जाई गई। इस अवसर पर
जगह-जगह गणपति देव की आरती हुई और प्रसाद वितरण किया गया। क्षेत्राधिकारी
उमरदराज खां, कोतवाल पुलिस बल के साथ तैनात रहे।