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शासन ने छह किसानों की मौत का मांगा विस्तृत ब्योरा

Sun, 12 Apr 2015 12:39 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
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अतिवृष्टि/ओलावृष्टि से तबाह किसानों की मौत के मामले में प्रदेश सरकार ने गंभीरता दिखानी शुरू की है। शासन ने दैवीय आपदा से हुई मौतों के मामले में ऐसे किसानों की एक सूची भेजकर इनकी आर्थिक स्थिति के संबंध में विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है। जिससे मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से ऐसे परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा सके।
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प्रदेश के विभिन्न जनपदों में असमय ओलावृष्टि/अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त फसलों को लेकर किसान आंसू बहा रहा है। वहीं तमाम किसान आत्महत्या कर चुके है। साथ ही ज्यादातर किसानों की सदमे से मौत हुई है। जिले में ऐसे ही छह किसान बीते मार्च माह में मौत को गले लगा चुके है। वैसे प्रशासन ने इन किसानों की मौत का कारण दूसरा बताया है।

फूलचंद्र (66) पुत्र रामाधीन निवासी पचखुराखुर्द की मौत सदमे से हुई थी। लेकिन इसकी मौत वृद्धावस्था के कारण बताई गई है। वहीं कोटबाजार राठ निवासी किसान सूके (63) पुत्र कल्लू की मौत को भी अधिक उम्र व कमजोरी दर्शाई गई है। जबकि बलराम (62) पुत्र रामसेवक निवासी अटगांव राठ की मौत कैंसर के कारण होना बताया गया है।
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कुंडौरा निवासी सुखदेव (69) पुत्र भुलइया की मौत का कारण अत्यधिक उम्र व शुगर का मरीज होना दर्शाया गया। वहीं मौदहा के कु नहेटा गांव निवासी इंद्रजीत (47) को फांसी लगा लेना मौत होना बताया गया है। जबकि बिहूंनी के प्रभात कुमार (40) पुत्र प्रकाश की मौत पारिवारिक कलह से होना दर्ज की गई है।

इस प्रकार जनपद में आधा दर्जन किसानों की असमय मौत हुई है। लेकिन इन सभी की मौत दैवीय आपदा की तहत नहीं मानी गई है। इस मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय अनुभाग चार के अनु सचिव आरबी गुप्ता ने बेमौसम बरसात से हुई क्षतिग्रस्त फसलों को देखकर सदमे से किसानों की असामयिक मौत के मामलों को गंभीरता से लिया है।

उन्होंने जारी सूची में प्रदेश के विभिन्न जनपदों में आत्महत्या या सदमे से हुई मौतों की आख्या विस्तृत जांच रिपोर्ट के साथ मांगी है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी सूची में जिले के आधा दर्जन किसानाें के नाम शामिल है।

इसी प्रकार इस सूची में जालौन में 28 किसान, इटावा में तीन, कानपुर नगर, मथुरा व फतेहपुर में एक-एक, बांदा के नौै, फर्रूखाबाद, चित्रकूट, मैनपुरी व फिरोजाबाद के दो-दो, हाथरस व आगरा के छह-छह, अलीगढ़ के 13,  ललितपुर तीन किसानों के  नाम दर्ज है। सचिव ने इस सूची में दर्ज व्यक्तियों के बारे में जिलाधिकारियों से विस्तृत आख्या रिपोर्ट मांगी है।
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