मौदहा कसबे की बड़ी देवी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक पं.राजाराम शास्त्री ने कहा कि मानव पूरे समर्पण भाव से प्रभु की शरण में जाए, तो भगवान उसके जीवन के समस्त प्रकार का भौतिक, दैविक व दैहिक तीनों प्रकार के तपों से मुक्त कर अपनी भक्ति प्रदान कर देते हैं।
कथावाचक ने कहा कि भागवत हमें यही संदेश देती है जीव इस भौतिक संसार में रह रहकर अपने कर्तव्यों का पालन कर पूर्ण समर्पण भाव से प्रभु की शरण में जाए तो प्रभु प्रसन्न होते हैं।
सेवा व सुमिरन के द्वारा परमात्मा शीघ्र प्रसन्न होकर अपनी कृपा दृष्टि कर उसे अपना लेते है। भगवान का नाम लेने से ही हमें देवत्व भाव की प्राप्ति होती है। कथा के बीच भजनों को सुन श्रोता भावविभोर हो गए।