कृषि निवेश राहत धनराशि के वितरण में भाकियू
पदाधिकारियों ने धांधली के आरोप लगाए हैं। साथ ही अन्ना प्रथा पर रोक लगाने
की मांग को लेकर तहसील दिवस में ज्ञापन भी दिया।
भाकियू जिलाध्यक्ष
निरंजन सिंह राजपूत ने बताया कि पिछले साल अतिवृष्टि और बेमौसम बारिश से
जिले के किसानों की फसलें क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इसका मुआवजा तो पीड़ित
किसानों को दिया जा रहा है, किंतु लेखपाल प्रधानों से साठगांठ कर धांधली कर
रहे हैं।
किसान नेता ने कहा कि लेखपाल पीड़ित किसान का पहचान पत्र
देखकर ही चेकों का वितरण करें। भाकियू नेताओं ने मामले की जांच कराने की
मांग की है। कहा कि अन्ना प्रथा के कारण जिले का पूरा किसान परेशान है। इस
प्रथा को रोकने के लिए अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
जिले के
पत्योरा, देवगांव, बड़ागांव, जलाला, गहतौली, भभौरा, बड़ाकछार, सुरौली आदि
गांवो के किसान अन्ना मवेशियों से परेशान हैं। किसान नेता ने अन्ना प्रथा
को रोकने के लिए गौशाला समिति का निर्माण कराने की मांग की है।
ज्ञापन
देते समय छोटेलाल, मुन्नालाल, धनीराम, छोटे, रामप्रकाश, शिवबदन, अविनाशी,
छेदालाल, बलराम सिंह, अमर सिंह, अरुण कुमार, विस्मिल्ला, बाबू खां, नूर
अहमद भी मौजूद थे।