बीमार पुत्र के ठीक न होने का गम पिता बर्दाश्त नहीं कर सका और उसकी मौत हो
गई। वहीं पिता की मौत के पांच घंटे बाद पुत्र ने भी सदमे से दम तोड़ दिया।
इस दु:खद घटना से गांव में सन्नाटा पसर गया।
थानाक्षेत्र के चिल्ली
गांव के किसान बलवीर सिंह राजपूत ने बताया कि एक माह पहले कृष्णदत्त के
पुत्र मनोज (40) को दामूपुरवा गांव के पास टैक्सी से गिरने पर दिमाग में
गंभीर चोटें लगी थी। इसका इलाज होने के बाद भी उसके स्वास्थ्य में सुधार
नहीं आ रहा था। जिससे उसका पिता दु:खी रहता था।
रविवार को अचानक तबियत
बिगड़ने पर पुत्र को परिजन कानपुर ले गए थे। कानपुर से लौटने के पहले ही
पिता ने दम तोड़ दिया। दाह संस्कार कर परिजन घर लौटे तभी पुत्र घर आ गया।
पिता की मौत की खबर सुनते ही सदमे से उसकी मौत हो गई। इधर पिता की अर्थी
अभी ठंडी भी नहीं हो पाई कि पुत्र की भी अर्थी सज गई।
प्रधान ने बताया कि
बीमार पुत्र का परिवार आर्थिक तंगी व बर्बाद फसलों का सदमा भी झेल रहा था।
इसलिए परिजनों की आर्थिक सहायता की जाए।