बुंदेलखंड में अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के सदमे से किसानों की मरने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। छानी बुजुर्ग गांव में एक किसान तबाह हुई फसल देख सदमा बर्दाश्त नहीं कर सका और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है।
बिवांर क्षेत्र के छानी बुुजुर्ग गांव निवासी राजाभइया (65) पुत्र बारेलाल के पास साढ़े चार बीघा पैतृक जमीन है। जिसमें बोया चना ओलावृष्टि व अतिवृष्टि में पूरी तरह बर्बाद हो गया। वहीं उसने 15 बीघा जमीन बलकट में ले रखी थी। जिसमें पूरे में गेहूं बोया था। गेहूं भी बारिश के चलते खेतों में लेट गया था।
मृतक किसान के बेटे सरजू प्रसाद ने बताया कि रविवार की दोपहर करीब 3 बजे वह खेत देखने गया था। क्षतिग्रस्त फसलों को देखकर अचानक उसकी तबियत बिगड़ने लगी और अचेत होकर वहीं गिर गया। वहीं पास में अपने खेतों में काम कर रहे किसान भवानीदीन ने इसकी सूचना राजाभइया के परिजनों को दी।
जिस पर उसने अपने भाई रतिराम के साथ पिता को सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे कानपुर रिफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है। किसान की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के चार पुत्र है। जिसमें दो पुत्र दिल्ली में मजदूरी करते है।