पोस्टमार्टम हाउस में आनंद के परिजन।
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थानाक्षेत्र के दो अलग-अलग स्थानों पर ग्रामीण व किसान ने आत्महत्या कर ली। किसान के परिजनों का कहना है कि पिछले दिनों अन्न मवेशी खेत में सब्जियां नष्ट कर गए थे। इसी के सदमे में उसने जान दी है। वहीं मालगाड़ी के आगे कूदकर जान देने वाले ग्रामीण की अभी शिनाख्त भी नहीं हो सकी है।
शनिवार रात थानाक्षेत्र के बिदोखर मेंदनी में आनंद मोहन (25) पुत्र शिवमोहन सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताते हैं कि दो वर्ष पूर्व इसकी पत्नी गीता ने भी आत्महत्या कर ली थी। इससे वह परेशान रहता था। पोस्टमार्टम हाउस में आनंद के पिता शिवमोहन सिंह ने बताया कि उसका बेटा खेती किसानी करता था। उसके नलकूप का बिजली कनेक्शन करीब एक हफ्ते पहले विभाग की टीम ने काट दिया था। साथ ही उसके खेतों में लगी साग सब्जी की बारी को अन्ना मवेशी नष्ट कर दिया था। इसी से वह परेशान था। उसने बताया कि आनंद उसका इकलौता पुत्र था। शनिवार देर शाम वह नलकूप से वापस लौटकर आया था और बिना खाना खाए सो गया था।
रविवार सुबह देर तक न उठने पर उसके कमरे में झांक कर देखा तो वह फांसी के फंदे में झूलता मिला। उसके पुत्री क्षमा (8) व पुत्र शानू (5) हैं। दूसरी घटना कस्बे के फैक्ट्री एरिया के पास दोपहर करीब डेढ़ बजे कानपुर बांदा रेलवे ट्रैक पर गुजर रही मालगाड़ी के सामने एक अधेड़ ग्रामीण ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। अधेड़ ने काले रंग का कुर्ता व सफेद रंग की धोती पहन रखी है। कत्थई कलर का चौखाने रंग का गमछा मौके पर पड़ा मिला। इस अधेड़ के सिर में बाल भी नहीं है। पुलिस ने इन दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। प्रभारी थानाध्यक्ष अवनेंद्र सिंह यादव ने बताया कि आसपास खेतों में काम करने वाले शव के शिनाख्त कराने का प्रयास किया गया। लेकिन कामयाबी नहीं मिली।