यमुना ब्रिज के क्षतिग्रस्त हिस्से की तुड़ाई का
कार्य शनिवार की सुबह शुरू कर दिया गया। एनएचएआई के इंजीनियर के मुताबिक
क्षतिग्रस्त बीम के हिस्से में ईपाक्सी नामक केमिकल को भरकर बीम की मरम्मत
की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि दो सप्ताह के भीतर पुल के ऊपर से भारी
वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
कानपुर सागर राष्ट्रीय राजमार्ग-86 पर
स्थित यमुना नदी के पुल की बीम में दरार आने से शुक्रवार की रात पुल की
स्लैब धंस गई थी। जिससे भारी वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। क्षतिग्रस्त
हिस्से पर बैरीकेडिंग कर दी गई है।
सिर्फ बसों व हल्के वाहनों को ही
क्षतिग्रस्त हिस्से के बगल से निकलने दिया जा रहा है। हाइवे का निर्माण करा
रही पीएनसी कंपनी के कर्मचारियों ने शनिवार सुबह से क्षतिग्रस्त हिस्से की
ग्रिल मशीन के जरिये तुड़ाई का कार्य शुरू किया।
अधिकारियों के मुताबिक
अभी दो दिन तक तुड़ाई का कार्य चलेगा। शनिवार दोपहर करीब 1.30 बजे एनएचएआई
के इंजीनियर संजीव कुमार ने भी अपनी टीम के साथ यमुना पुल के क्षतिग्रस्त
हिस्से का निरीक्षण किया।
बताया कि पुल की स्लैब के नीचे बनी बीम में दरार
आई है। ईपाक्सी नामक केमिकल की भराई की जाएगी। जो बहुत मजबूत व टिकाऊ होती
है। बताया कि इस कार्य को पूरा करने में दो सप्ताह का समय लगेगा।
इसके बाद
पूर्व की तरह पुल के ऊपर से भारी वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी। उधर
पीनएसी के अवर अभियंता मनीष सिंह का कहना है कि अभी क्षतिग्रस्त हिस्से की
तुड़ाई का कार्य चल रहा है।
एक साइड से बसें, खाली ट्रक व हल्के वाहन
निकाले जा रहे है। तुड़ाई का कार्य पूरा होने के बाद वाहनों के आवाजाही पर
निर्णय लिया जाएगा। बताया कि जरूरत हुई तो क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर
ओवरब्रिज बनाकर हल्के वाहनों को निकलने दिया जाएगा।