जिले के कई स्थानों पर मंगलवार को ओलावृष्टि हुई। इससे राठ के दस व कुरारा ब्लाक के आठ और सुमेरपुर ब्लाक के तीन गांवों में भारी क्षति हुई है।
मंगलवार की दोपहर जिले के विभिन्न इलाकों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि भी हुई। कुछेछा, पारा, टिकरौली में छोटे ओले गिरे। इसी प्रकार पौथिया क्षेत्र में अत्यधिक बारिश व तेज हवाओं के चलने से गेहूं की फसल खेतों में फैल गई।
कुम्हऊपुर गांव के प्रधान प्रतिनिधि उमाशंकर ने बताया कि क्षतिग्रस्त फसलों के किसानों के चेहरों पर उदासी छाई है। गौरतलब हो कि पौथिया, सहुरापुर, उजनेड़ी, कलौलीजार, स्वासा आदि गांवो में फसलों की कटाई का काम भी शुरू हो गया था। लेकिन बारिश व तेज हवाओं ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है।
राठ प्रतिनिधि के अनुसार, सोमवार शाम क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में ओले गिरने और बारिश से खेतों में पानी भरने से खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। बसेला, सैदपुर, गिरवर, पहाड़ीगढ़ी, नौहाई, कैंथा, औड़ेरा, धमना, टिकरिया, मवई सहित दर्जनों गंावों में ओलावृष्टि होने से फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है।
धमना गांव के किसान राम सिंह ने बताया कि इस साल दो हेक्टेयर में गेहूं की फसल बोई थी। ओलावृष्टि और बारिश पूरी फसल खेतों में बिछ गई। इसी तरह धमेन्द्र सिंह की दस बीघा, मूरत सिंह की मटर और गेहूं की पचास बीघा में खड़ी फसल तबाह हो गई।
मौदहा प्रतिनिधि के अनुसार केन नदी के किनारे वाले कपसा, गुसियारी, जिगनौड़ा, इचौली, नायकपुरवा, खंडेह, बक्छा, चांदी में भी हल्के ओले गिरे और भारी वर्षा हुई। खंडेह गांव में सोमवार को एक छोटे कृषक की हृदय गति रुकने से मौत हुई है।
हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि वह फसल बर्बादी के सदमे की वजह से मरा है या स्वाभाविक मौत। परिजनों ने प्रशासन को इसकी सूचना नहीं दी।
कुरारा प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार की शाम 4 बजे बिगड़े मौसम के साथ शिवनी, जगनपुर, मंगलपुर, बरूआ, बिलौटा, बंशी का डेरा बचरौली में ओले गिरे। बचरौली गांव के किसान राजन बाजपेई, नत्थू कुछवाहा, रामसजीवन ने बताया कि ओले गिरने से सरसो मटर मसूर आदि फसलो की क्षति हुई है।
शिवनी के किसान हरनारायण ने बताया कि उनके गांव में 50 ग्राम वजन का ओला करीब 10 मिनट तक गिरा। जिसमे सरसों, मटर, मसूर व गेहूं की फसलों की क्षति हुई।