जलालपुर थाने के न्यूलीवासा गांव में करीब 12 साल पूर्व आरोपी को पकड़ने गए सिपाही की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायाधीश ब्रह्मतेज चतुर्वेदी ने आरोपी को दोषी पाए जाने पर उम्रकैद व जुर्माने की सजा सुनाई है।
न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता अल्ताफ हुसैन ने बताया कि बीते 23 फरवरी 2004 की रात करीब 8:30 बजे जलालपुर थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष ज्ञान सिंह यादव अपने हमराही सिपाही रामस्वरूप वर्मा समेत अन्य सिपाहियों के साथ नामजद आरोपी अवधेश की गिरफ्तारी के लिए उसके घर न्यूलीबासा गांव पहुंचे।
घटना में वादी सिद्धगोपाल से पुलिस पूछताछ कर रही थी, तभी अभियुक्त अवधेश आ गया और नाजायज बंदूक से उसने पुलिस के ऊपर फायर झोंक दिया। जिसमें सिपाही रामस्वरूप वर्मा की मौत हो गई थी। पुलिस ने हत्यारोपी अवधेश के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। गुरुवार को मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाए जाने पर उसे उम्रकैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।