नगर पालिका द्वारा बनाए गए शवदाह गृह के मामले में
अधिशाषी अधिकारी ने माना कि निर्माण मानक के अनुरूप नहीं हुआ है। निर्माण
सामग्री का सैंपल लेकर जांच के लिए एचबीटीआई कानपुर भेजा जा रहा है।
संबंधित ठेकेदार और जेई को नोटिस जारी की गई है।
नगर पालिका ने
1.87 लाख रुपये से कस्बे के फत्तूबाबा मोहल्ले के शमशान घाट में शवदाह गृह
बनाने का ठेका उरई की कंस्ट्रक्शन कंपनी उदीसा को दिया था। यह शवदाह गृह
मामूली भूकंप से धराशायी हो गया, जबकि जर्जर मकानों में किसी प्रकार की
क्षति नहीं हुई है।
स्लैब की सटरिंग निकालते समय हुई घटना में एक
मजदूर की मौत हो गई। इस पर प्रशासनिक अधिकारी और नगर पालिका के अधिशाषी
अधिकारी हरकत में आए। मौके पर ली गई तस्वीरें यह स्पष्ट करतीं है कि जो
पिलर खड़े किए गए हैं, उनमें छोटी गिट्टी के स्थान पर बड़े साइज की
गिट्टियां इस्तेमाल की गई हैं। इतना ही नहीं पिलरों की गहराई भी मानक के
अनुरूप नहीं है।
इस संबंध में अधिशाषी अधिकारी राजेंद्र प्रसाद
श्रीवास्तव का कहना है कि प्रथमदृष्टया निर्माण की गुणवत्ता सही नहीं पाई
गई है। इस कारण मामूली भूकंप के झटके में शवदाह गृह ढह गया है।
निर्माण
सामग्री का सैंपल भर लिया गया है। बताया कि जिस कंस्ट्रक्शन कंपनी ने यह
कार्य कराया है, उसके ठेके दार राजकुमार गुप्ता निवासी उरई को नोटिस जारी
की गई है।
पालिका के अवर अभियंता सिद्धार्थ गौतम को इस आशय की
नोटिस जारी की है कि उन्होंने निर्माण स्थल पर जाकर सही तरीके से सुपरविजन
नहीं किया। सभासद दिलशाद अहमद कुरैशी ने कहा कि निर्माण बेहद घटिया था।