राठ में बारिश से हुई खेतों की सिंचाई के बाद किसान अब एक -एक बोरी यूरिया
खाद के लिए भटक रहा है। लेकिन जिम्मेदार बेफिक्र हैं। सरकारी समितियों में
खाद का टोटा होने से प्राइवेट दुकानदारों की चांदी है।
गुरुवार को
अंबेडकर चौराहे के पास एक खाद की दुकान पर खाद बेचे जाने की खबर से सैकड़ों
किसानों की भीड़ लग गई। खाद के लिए किसानों ने हंगामा किया तो कोतवाली
पुलिस पहुंची और अपनी देखरेख में खाद बंटवाई।
गौरतलब है कि खेतों में गेहूं
की फसल के लिए किसानों को खाद की आवश्यकता आ पडी है। बीते पांच दिनों पहले
हुई बारिश से किसानों के खेत पानी से भर गए थे। अब उन्हें यूरिया खाद की
जरूरत है।
किसान खाद के लिए भटक रहा है। गुरुवार को अंबेडकर चौराहे के पास
अजय ट्रेडर्स में खाद वितरण को लेकर किसानों ने जमकर हंगामा काटा। सैकड़ों
किसान होने से चौराहे पर जाम लग गया।
किसान यूरिया खाद पाने के लिए एक
दूसरे को धक्का मुक्की करते रहे। बाद में कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंच
किसानों की लाइन लगवाई और दुकानदार को प्रत्येक व्यक्ति को एक एक बोरी खाद
देने के निर्देश दिए। वहीं कुछ किसानों ने दुकानदार के ऊपर मनमाने दाम
वसूलने का आरोप लगाया।
किसानों ने बताया कि खाद की बोरी में 340 रुपये
प्रिंट है जबकि दुकानदार 450 रुपये में खुलेआम खाद बेच रहा है। प्रशासन के
अधिकारी इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहे हैं।