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चंद्रावल नदी के किनारे बनेगा तालाब

Wed, 27 May 2015 12:14 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/हमीरपुर
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मुख्यमंत्री के जल बचाओ अभियान में जल संरक्षण के लिए तैयार की गई कार्ययोजना से जिले के लोगों को खासा लाभ मिलेगा। विलुप्त हो रही 33 किमी लंबी चंद्रावल नदी के किनारे तालाबों के साथ ड्रेनों का निर्माण कराया जाएगा। जिससे चंद्रावल नदी के भाग्य उदय के साथ बीहड़ी 27 राजस्व गांवों के  किसानों की किस्मत चमक जाएगी। इस कार्य पर सिंचाई विभाग ने अमल करना शुरू कर दिया है। कार्य योजना के तहत पांच सौ मीटर के दायरे में तालाबों की खुदाई कराई जाएगी।
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जिले की विलुप्त होती जा रही चंद्रावल नदी का कायाकल्प जल बचाओ अभियान से किया जाना है। गौरतलब हो कि चंद्रावल नदी महोबा के मदनताल व अन्य जलग्रहण क्षेत्रों का पानी समेटे कर हमीरपुर जिले में आई है।

जिले में मौदहा तहसील के 35 गांव किसवाही, परेहटा, जखेड़ी, टोलामाफ, तिलसरस, परछछ, खैरी, बम्हरौली, सढ़ा, परछा, पढ़ोरी, गहरौलीखुर्द, सिजनौड़ा, अखईपुर, छिमौली, मदारपुर, मवइया, नरायच, लरौंद, भभौंरा, रतौली, पारा, लदार, पुराबंदी, भटवारा, गुढ़ा, भवानी, चमरखन्ना, छिरका, मवईखुर्द इसके किनारे बसे हैं।
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फिलहाल इन सभी गांवों में राजस्व विभाग के 27 ग्राम और 17 ग्राम पंचायतें हैं। बरसात में ही यह नदी उफनाती है। जबकि गर्मी आते ही नदी में धूल उड़ने लगती है।

मुख्यमंत्री के  जल बचाओ अभियान में मंडलायुक्त ने चंद्रावल नदी के कायाकल्प कराने की योजना तैयार करने के निर्देश दिए है। मुख्य विकास अधिकारी अवधेश बहादुर सिंह ने बताया कि इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी मौदहा बांध निर्माणखंड के अधिशाषी अभियंता को बनाया गया है।

बताया कि वन विभाग, राजस्व विभाग, पंचायत विभाग योजना तैयार करेंगे। उन्होंने बताया कि 500 मीटर की दूरी पर नदी किनारे एक तालाब और ड्रैन बनाया जाएगा। बताया कि 33 किमी लंबी इस नदी पर लदार से किसवाही तक करीब 70 टीमें कार्य कराएंगी।

बताया कि कार्य योजना का खाका तैयार किया जा रहा है। कहा कि अभी चंद्रावल नदी की मानीटरिंग की जा रही है। यह कार्य मुख्यमंत्री जल बचाओ योजना के तहत कराया जाना है।

बताया कि तालाबों के ओवरफ्लो होने पर ड्रेन के जरिए पानी नदी में चला जाएगा। किसानों को तालाबों के जरिए सिंचाई में सुविधा मिलेगी। स्टीमेट बनाए जाने के निर्देश सिंचाई विभाग को दिए गए हैं। कहा कि मनरेगा व राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना से एक-एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के तालाबों का निर्माण कराया जाएगा।
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