प्रदेश सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी करने, भष्ट्राचार सहित विभिन्न अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने तहसील प्रांगण में विशाल धरना प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार को जमकर कोसा। फिर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राजेश कुमार सौंपा।
सोमवार सुबह तहसील परिसर में आयोजित धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत ने कहा कि मौसम की मार से किसान पूरी तरह से तबाह हो चुका है। किसान के घर में चूल्हा नहीं जल रहा है।
बच्चे भूख से बिलख रहे हैं, बेटी ब्याह के लिये बैठी है, ऐसे में किसान आखिर क्या करे। कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को राहत देने में नाकाम सिद्ध हो रही है। सपा के नेताओं का ध्यान बालू खनन पर है।
तीन वर्ष में 2600 किसानों ने आत्महत्या कर ली। पूर्व मंत्री राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि अभी तक किसानों को फसलों की क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध नहीं कराई गई है। इस जन विरोधी सरकार को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
डा. मनीषा अनुरागी ने कहा कि किसानों को अपने हक के लिए आवाज उठानी होगी। फूल सिंह नेक्या ने कहा कि किसान अपने बेटों को शिक्षित करे ताकी वे अपना हक ले सकें।
धरने को पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मीनारायन सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष संतविलास शिवहरे, रामजीवन, जयपाल, जीतेंद्र सेंगर आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान नगर अध्यक्ष केके बंटी, ऋचा शर्मा, राजेन्द्र द्विवेदी, नागेन्द्र सिंह
युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष संजय त्रिपाठी, राजीव उर्फ रज्जू, पंकज शर्मा, रोहित गुप्ता आदि भाजपाई व किसान उपस्थित रहे। संचालन फूलसिंह सैना ने किया।