शुक्रवार को जिला अस्पताल में बालिका को मृत घोषित करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अधिवक्ता और शिक्षक पीड़ित परिजनों के साथ खड़े हैं। दोनों संघों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को अलग अलग प्रदर्शन कर एसपी से चिकित्सक के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग की।
जिला अस्पताल में शुक्रवार दोपहर टीचर दिलीप सिंह की 11 वर्षीय पुत्री कंचन को चिकित्सक ने मृत घोषित करने पर लोगों ने हंगामा कर एक चिकित्सक को पीट दिया था।
चिकित्सक की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने चार लोगों को नामजद कर कई अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। चिकित्सक पर एफआईआर दर्ज कराने को अधिवक्ता संघ और शिक्षक संघ इस लड़ाई में कूद गया है।
सोमवार की सुबह बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल को दिया। जिसमें कहा कि 26 जून को बालिका को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया।
जहां इमरजेंसी ड्यूटी कर रहे डा.मनीष पुरवार व डा.दिनकर ने उसे ठीक से न देख मृत घोषित कर दिया। जब बच्ची को घर ले गए तो परिजनों को पता चला कि वह जीवित है और उसे लेकर पुन: अस्पताल ले गए।
तब डाक्टराें ने देखने से मना कर दिया। आरोप लगाया कि डा.दिनकर व डा.पुरवार नशे में थे। बच्ची के साथ गए लोगों ने अभद्रता की। बताया कि इसके बाद बच्ची को लेकर वह बृजराज नर्सिंग होम पहुंचे जहां बच्ची ने दम तोड़ दिया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा अपने बचाव में चिकित्सक ने बच्ची के परिजनों के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। इस दौरान अधिवक्ता संघ अध्यक्ष सुरेश सिंह गौतम, महामंत्री महेश प्रसाद साहू, कृपाशंकर, रमेशचंद्र मिश्रा, सुरेश सिंह गौर, रमाकांत पांडेय, प्रवीण भदौरिया सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
वहीं दूसरी ओर प्राथमिक शिक्षक संघ ने संघ के अध्यक्ष प्रेमप्रताप सिंह की अगुवाई में प्रदर्शन किया और प्रतिनिधि मंडल एसपी डीपी सिंह से मिला। उन्होंने आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कार्रवाई न होने से संघ ने 1 जुलाई से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने की बात कही है। इस दौरान शिक्षक संघ के महामंत्री देवेंद्र सिंह चंदेल, अखिलेश त्रिपाठी, शैलेंद्र सिंह राजपूत, रणजीत सिंह, राघवेंद्र सिंह, बृजेंद्र मौजूद रहे।
उधर, आरोपियों की गिरफ्तारी का दवाब बना रहे चिकित्सक भी सदर अस्पताल में सुबह 8 से 10 बजे तक दो घंटे का कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि मांगे न माने जाने तक बहिष्कार जारी रहेगा।