बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर राजेंद्र अहिरवार के नेतृत्व में पार्टी
नेताओं ने डीएम को ज्ञापन दिया। कहा कि इस मामले के आरोपियों को सपा
नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। पुलिस द्वारा कार्रवाई न करना पुलिसिया
निकम्मेपन का सूचक है।
शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों पर
फायरिंग करवाई गई है। जबकि तितर बितर करने के लिए हलका बल प्रयोग व आंसू
गैस के गोले छोड़े जा सकते थे। लेकिन सक्षम अधिकारी ने सत्तापक्ष के दवाब
में आकर सीधे फायरिंग करवा दी।
उन्होंने संगीन धाराओं में फंसाए गए निहत्थे
लोगों को सपा के इशारे पर जेल भेजने का विरोध किया और सीबीआई जांच की मांग
की। इसके अलावा उन्होंने छात्रा का शव रात में यमुना नदी के पुल से फेंके
जाने की जांच की भी मांग की।
इस दौरान बसपा के सदर विधानसभा प्रत्याशी
संजय दीक्षित, अभिषेक भाष्कर, निशात नबी, जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वर्मा,
श्रीकृष्ण वर्मा, पूर्व विधायक अनिल अहिरवार शामिल रहे।