रबी की फसल तो मौजूदा समय में रोग से मुक्त है। लेकिन इन दिनों फसलों में
अन्ना पशुओं का फिलहाल सर्वाधिक प्रकोप देखा जा रहा है। अन्न मवेशी किसानों
का जीना हराम किए है। एक ओर जंगली वनरोज फसलों को उजाड़ रहे है। वहीं
अन्ना गायें और सांड़ किसानों की हरी भरी फसलों को नष्ट कर रही हैं। परेशान
किसान इन मवेशियों को हांककर अस्थाई कांजी हाउस में बंद कर रहे है। लेकिन
भूसा चारा का इंतजाम न होने पर किसान अधिकारियों के चक्कर काट रहे है।
गौरतलब हो कि जिले का ज्यादातर एरिया असिंचित है। ऐसे में सिर्फ रबी की ही फसल तैयार कर पा रहे है। फिलहाल एक फसल के जरिए जीवन यापन करने वाले किसान फसलों के नष्ट होने से उनमें बेचैनी है।
अन्ना मवेशी सबसे ज्यादा मटर की फसल को नष्ट कर रहे है। वहीं अन्य दलहनी व गेहूं की फसल को खाने के साथ नष्ट कर रहे है। विकासखंड सुमेरपुर के उजनेड़ी गांव में झबरा और मरवा हार में करीब 200 गायों के झुंड को ग्रामीण गांव से खदेड़ कर ले जाने लगे।
लेकिन इसी बीच एक सांड़ ने गांव के युवक शिवमंगल (30) पर हमला कर दिया। प्रधान प्रतिनिधि रामबाबू सिंह ने बताया कि 11 बीघे में मटर की फसल बोई है। कहा कि उनके मटर की फसल को अन्ना मवेशी खा रहे है। इसी तरह सहुरापुर गांव में अन्ना जानवर फसलों को नुकसान कर रहे है।
पौथिया के ग्रामीणों ने बताया कि बीते वर्ष गौकशी को ट्रकों पर भरकर जा रहे मवेशियों को थाना ललपुरा पुलिस ने छोड़ दिया था। तबसे इन अन्ना मवेशियों ने किसानों का जीना मुहाल कर दिया है।
अन्ना मवेशियों पर रोक लगाने को लेकर किसान आए दिन अधिकारियों से फरियाद लगा रहे है। सुमेरपुर कसबे में तो किसानों ने अस्थाई कांजी हाउस बनाया है। इसमें 250 गायें बंद कर ली है। लेकिन इन जानवरों के भूसे की समस्या है।