कृ षि विज्ञान केंद्र अव्यवस्थाओं से जूझ रहा है। जिससे क्षेत्रीय किसानों
को संचालित योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। देखा जाए तो विज्ञान केंद्र
का नौ हेक्टेयर में कृषि फार्म है पर इसमें अभी तक हल नहीं चलाया गया है।
ऐसे में खरीफ की फसल की तैयारी बेमानी साबित हो रही है। ऐसे में समझा जा
सकता है कि जब विभागीय अधिकारी अपनी ही जमीन खरीफ अभियान में जोतने में
संकोच कर रहे हैं तो किसानों को गर्मी में जुताई की सलाह कैसे दें।
जिले
के किसानों को उन्नतिशील खेती कराने की सलाह देने के साथ उन्हें पैदावार
में बढ़ोत्तरी कराने को कस्बे में कृषि विज्ञान केंद्र खोला गया है। केंद्र
में तैनात कृषि वैज्ञानिकों के रहने को आवास बन चुके हैं।
चंद्रशेखर आजाद
कृषि विश्वविद्यालय से इस केंद्र का संचालन हो रहा है। संचालन में शासन की
ओर से प्रति वर्ष करोड़ों रुपये खर्च कि ए जा रहे हैं। विभाग ने ब्लॉक स्तर
पर मनकी गांव में निकरा परियोजना बीते वर्ष चलाई।
निकरा योजना के जरिए
किसानों को बकरी व मुर्गी के बच्चे वितरित करने का प्रस्ताव तैयार किया
गया, पर विभागीय अधिकारियों की मनमानी के चलते योजना फलीभूत नहीं हो सकी।
जबकि वर्ष 2014-15 में मिलने वाले 6.50 लाख के बजट से मात्र एक कर्मचारी का
वेतन दिया गया।
साथ ही विश्वविद्यालय स्तर पर इसे खर्च किया जा रहा है।
कृषि विज्ञान केंद्र खुलने पर विकासखंड के किसानों में एक उम्मीद की किरण
दिखाई दी थी कि तकनीकी खेती की जानकारी हासिल कर अच्छी पैदावार कर सकेंगे।
शुरूआती दौर में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने योजना में शामिल
गांवों के किसानों को उन्नतशील बीजों से तकनीकी खेती के बारे में जागरूक
किया। वहीं इस केंद्र में धीरे-धीरे वैज्ञानिकों के पद खाली होते रहे। इधर
20 जून को प्रोग्राम कोआर्डिनेटर क ा स्थानांतरण हो जाने से केंद्र बिना
प्रभारी के है।
कृषि विज्ञान
केंद्र में कुल 16 पद सृजित हैं। जिसमें छह कृषि वैज्ञानिक, एक प्रोग्राम
कोआर्डिनेटर, एक कार्यालय अधीक्षक, दो अटेंडेंट, दो चालक, दो कंप्यूटर
आपरेटर, चौकीदार व एक चपरासी हैं। मौजूदा समय में एक कृषि वैज्ञानिक, एक
चालक, दो कंप्यूटर आपरेटर, दो अटेंडेंट, एक कार्यालय अधीक्षक, एक चौकीदार व
एक चपरासी की तैनाती है।
सीएसए,
कानपुर के डायरेक्टर धूम सिंह ने कहा कि प्रोग्राम कोआर्डिनेटर का
स्थानांतरण हो चुका है लेकिन अभी तक उन्हें रिलीव नहीं किया गया है।
अधिकारियों/कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने के मामले को टाल गए। कहा कि
केंद्र के कृषि फार्म की जुताई का काम 15 जुलाई तक करवा लिया जाएगा।