मौदहा (हमीरपुर)। कोतवाली क्षेत्र के पिपरौंदा गांव की 80 वर्षीय वृद्धा से फर्जीवाड़ा सामने आया है। उसकी फर्जी आईडी लगाकर सवा लाख रुपये बैंक से कर्ज ले लिया गया। कर्जमाफी की सूची में नाम पर इसका खुलासा हुआ।
मंडी स्थित इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक से संबंधित है। पीड़ित विधवा भगवती (80) पत्नी अली बख्श कोतवाली क्षेत्र के पिपरौंदा गांव की निवासी है। उसके नाम करीब आठ बीघे जमीन है। पीड़िता ने बताया कि सरकार की कर्जमाफी योजना में उसका आधार कार्ड लेने के लिए लेखपाल ने उससे संपर्क किया। तब उसे पता चला कि उसके नाम पर किसी ने केसीसी बनवाकर बैंक से कर्ज ले रखा है। बताया कि इस पर परेशान हो उठी। परिजनों को लेकर बैंक गई तो उसके नाम से लगाए गए कागजात फर्जी निकले हैं।
उसने बताया कि पहले उसके खाते में 21 जनवरी 2015 को किसी जालसाज ने 6507 रुपया जमा कर खाता संचालित किया और उसी दिन एक लाख से अधिक रुपये केसीसी के माध्यम से निकाल लिया। इसके बाद दो बार 10-10 हजार रुपये निकाले गए हैं जिससे कुल ब्याज सहित उसका एक लाख 48 हजार 109 रुपये का बैंक कर्ज हो गया। कहा कि कर्जमाफी योजना में उसके नाम से फर्जी तरीके से निकाले गए रुपयों में एक लाख रुपया ही माफ हुआ है। जबकि शेष रकम वह कहां से जमा करे। अब कर्जमाफी के बाद बकाया रुपया जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा है। बैंक अधिकारी उससे हस्ताक्षर बनाने का दबाव बना रहे हैं लेकिन उसने हस्ताक्षर नहीं बनाए हैं। उसका आरोप है कि बिना बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से इतना बड़ा काम नहीं हो सकता। इसके लिए उसने बैंक के उच्चाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।