रात्रिकालीन ड्यूटी के दौरान फार्मासिस्ट से अभद्रता पर फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाया है मुख्य चिकित्साधिकारी को फार्मासिस्टों ने ज्ञापन देकर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई न होने पर 26 को राठ सीएचसी में धरना देने का निर्णय लिया है। फार्मासिस्ट की मारपीट के मामले में शनिवार को पुलिस ने फार्मासिस्ट का मेडिकल परीक्षण कराया है।
शनिवार को डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के मंत्री डॉ. अजय कुमार शिवहरे ने सीएमओ को ज्ञापन देकर सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राठ में ड्यूटी कर रहे फार्मासिस्ट मनोज कुमार पर मारपीट और गालीगलौज की गई। इसमें फार्मासिस्ट की तहरीर पर विधायक मनीषा अनुरागी के चचेरे देवर प्रेमचंद्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसोसिएशन की ओर से कहा गया है कि सरकारी अस्पतालों में आए दिन अराजकतत्व अभद्रता करते हैं जिससे चिकित्सकों सहित स्वास्थ्य कर्मियों को काम करने में मुश्किलें आ रही हैं। एसोसिएशन ने मांग की कि फार्मासिस्ट पर हमला करने वालों पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। एसोसिएशन ने चेताया कि अगर अभियुक्तों पर जल्द कार्रवाई न की गई तो 26 तारीख को फार्मासिस्ट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राठ में धरना देंगे। फिर भी बात नहीं बनी तो आगे की रणनीति तय की जाएगी।
चिकित्सक भी आए साथ
फार्मासिस्टों की मांग के साथ प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ भी कूद गया है। शनिवार को संघ के सचिव डॉ. अशोक कुमार ने सीएमओ को ज्ञापन दिया जिसमें चिकित्सा कर्मियों को तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और सभी अस्पतालों में पुलिस अथवा निजी सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की जाए। इससे चिकित्सक सुरक्षित ढंग से काम कर सकें। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौदहा की चिकित्सक नेहा रानी का वेतन रोकने की विरोध किया है। शिकायत के आधार पर ही डॉ. शिवजी गुप्त का भी वेतन रोक ने की बात कही है। चिकित्सकों ने कहा कि ट्रेजरी के बाबू पैसा मांगते हैं। सीएमओ को चेताया कि अगर 26 तारीख तक दोनों चिकित्सकों का वेतन नहीं आया तो सभी चिकित्सक धरना देंगे।