अभी तक पुलिस फायरिंग में एक की मौत और दो अन्य के
घायल होने की सूचना थी। लेकिन रविवार को एक छात्र के और सामने आने से अब
घायलों की संख्या तीन हो गई है। पर एक सवाल अभी भी मुंह बाएं खड़ा है कि
भीड़ के सिर्फ नारेबाजी करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज क्यों किया और किसके
आदेश पर किया। बाद में पथराव व फायरिंग भी किसके आदेश से की गई।
शनिवार
को कस्बे में छात्रा के आत्महत्या करने के बाद हुए बवाल में पुलिस द्वारा
जमकर लाठी चार्ज व फायरिंग की गई। शाम करीब 5:30 बजे मृतका का शव जैसे ही
परिजनों को उनके घर में सौंपा गया तो हजाराें की संख्या में भीड़ एकत्र हो
गई और शव थाना तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया।
भीड़ ने सपा सरकार और पुलिस के
खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। तभी शाम करीब 7 बजे पुलिस ने
थाना गेट के बाहर जमा लोगों पर अचानक लाठीचार्ज कर दिया। निहत्थे लोग
इधर-उधर भागने लगे लेकिन थोड़ी देर में उग्र रूप धारण कर चुकी जनता ने
पुलिस पर पथराव कर दिया।
साथ ही थाना परिसर के आसपास खड़े वाहनों में
तोड़फोड़ करते हुए कई वाहनों में आग लगा दी। यह तमाशा करीब आधे घंटे चला,
उग्र भीड़ के आगे बढ़ते देख पुलिस ने फायरिंग शुरू कर दी।
करीब 20 राउंड
से अधिक फायरिंग की गई। इस फायरिंग में एक युवक की मौत सहित तीन घायल हुए
थे लेकिन रविवार को एक और छात्र घायल निकला। रविवार को घायल मिला अनिल
वर्मा (15) पुत्र निरंजन वर्मा मृतका स्वीकृति का क्लासमेट है। जो उसके साथ
भस्मानंद इंटर कालेज में पढ़ता था।
अनिल वर्मा ने बताया कि शाम को वह
कोचिंग गया था लेकिन कोचिंग बंद होने पर घर लौट रहा था। इसी बीच वह हादसे
का शिकार हो गया। उनके पेट और पैर में छर्रे लगे हैं। उसने बताया कि पुलिस
की कार्रवाई के डर से अपने घर में जाकर छिप गया और प्राइवेट चिकित्सक से
इलाज कराया है।
घायल के भाइयों को पकड़ ले गई पुलिस
पुलिस
की गोलीबारी के गंभीर रूप से घायल कल्लू खां की पत्नी साजिरा ने बताया कि
वह 15 दिन पहले वह अपने मायके करबई बांदा गई थी। घटना की सूचना मिलने पर वह
पाकर रविवार को आई है। साजिरा ने बताया कि उसके पति की हालत गंभीर है।
उनका इलाज कानपुर के हैलट अस्पताल में हो रहा है। बताया कि रात में कल्लू
खां को गोली लगने के बाद जेठ बबलू, चचेरा भाई अनवर व परिवार का छंगा साथ
जाने के लिए एंबुलेंस में बैठने लगे तो पुलिस ने जबरन उतारकर गिरफ्तार कर
लिया। जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल सका है।
बांदा से प्रैक्टिकल देकर लौटा था रोहित
मृतक
रोहित के बड़े भाई मोहित ने बताया कि उसका भाई शनिवार शाम को ही बांदा से
प्लांट पैथालॉजी का प्रैक्टिकल देकर लौटा था। जब वह घर आ रहा था तभी थाना
चौराहा पर बवाल हो रहा था। पुलिस फायरिंग में उसके सिर में गोली जा धंसी।
जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। मृतक के परिवार में शोक का माहौल है।
मृतक छात्रा की मां ने लगाई सुरक्षा की गुहार
मृतका
स्वीकृति की मां किरन अपने बच्चों सहित रविवार सुबह 10 बजे थाने पहुंची और
रो-रोकर सुरक्षा की गुहार लगाई। उसका कहना था कि अभी तक आरोपी खुलेआम घूम
रहे हैं। उनकी सुरक्षा के लिए कोई नहीं है, यदि कोई घटना घटित होती है तो
उसका जिम्मेदार कौन होगा। मृतका की मां ने रोते हुए यह भी बताया कि पुलिस
फायरिंग के बाद से ही उसके पति व उसके अन्य परिजनों को पुलिस ने गायब कर
दिया है।