अमर उजाला ब्यूरो
हमीरपुर। करीब 11 साल पूर्व मुस्करा कस्बे में युवक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में ईसी एक्ट न्यायाधीश ने एक आरोपी को दोषी पाया। न्यायाधीश ने उसे दस के कारावास और आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
ईसी एक्ट न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि 18 अप्रैल 2006 की सुबह करीब 7:30 बजे मुस्करा कस्बा निवासी ईश्वरदास अपने भाई हरचरन व हीरालाल कस्बे में भूरा की दुकान पर में बैठे चाय पी रहे थे। इसी दौरान मौदहा बांध के पास स्थित सरसेढ़ा गांव निवासी हाल निवासी छहथोक मुस्करा भागीरथ द्विवेदी आया।
उसकी किसी बात को लेकर हरचरन से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर भागीरथ ने तमंचे से हरचरन पर फायर झोंक दिया और भाग निकला। हरचरन गंभीर रूप से घायल हो गए थे। भाई ईश्वरदास ने आरोपी के खिलाफ मुस्करा थाने में तहरीर दी थी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज किया था। शनिवार को मुकदमे की सुनवाई के बाद न्यायाधीश शमसुल हक ने आरोपी को दोषी पाने पर 10 साल कारावास व आठ हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
11 साल पहले दुकान पर चाय पीने के दौरान मारी थी गोली